किसान कलेवा योजना में गड़बड़ी की आंशका!

मंडी में किसानों के मुकाबले कूपनों की संख्या अधिक

By: Suresh Jain

Published: 18 Feb 2020, 09:56 PM IST

भीलवाड़ा।
Kisan Kaleva Yojana किसान अपनी उपज को लेकर मण्डी आते हैं। अधिकतर किसान दूर-दराज से अपनी उपज बेचने ट्रैक्टर ट्रॉली व अन्य साधनों से मण्डी पहुंचते हैं। मण्डी यार्ड में आने के बाद विभिन्न प्रक्रिया पूरी होने तक काफी समय लगता है और मण्डी यार्ड में रूक कर भोजन करना पड़ता है। इसे देखते हुए किसानों को सस्ता व पौष्टिक भोजन मण्डी यार्ड में ही उपलब्ध हो इसके लिए सरकार ने किसान कलेवा योजना शुरू की थी। Kisan Kaleva Yojana इसमें मण्डी में आने वाले किसान को पांच रुपए में भोजन उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। हालांकि किसानों के लिए परोसी जाने वाली थाली की कीमत २७.३२ रुपए होती है। किसान से सिर्फ पांच रुपए ही लेने का प्रावधान है। शेष राशि का भुगतान मण्डी समिति की ओर से अनुदान के रूप में किया जाता है। सवाल यह है कि मंडी में किसानों की संख्या इन दिनों कम है। फिर किसान कलेवा में भोजन लेने वालों की संख्या एक दिन में सौ से अधिक आ रही है।
यह है भोजन का मैन्यू
किसान कलेवा योजना में किसान को पांच रूपए में भोजन की थाली उपलब्ध करवाई जाती है। इसमें छह चपाती, एक कटोरी दाल, एक कटोरी सब्जी, सर्दी में पचास ग्राम गुड़ और गर्मी में 200 मिली लीटर छाछ उपलब्ध करवाई जाती है। हालांकि सब्जी व पूड़ी सोयाबीन तेल से बनाई जा रही है। वही कुछ लोग कूपन देकर पैसा लेने का मामला भी सामने आया है।
कम हो गई भोजन दर
किसान कलेवा योजना के तहत उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की दरें पिछले साल से और कम हो गई है। पिछले साल २८ रुपए प्रति थाली थी। लेकिन इस साल यह दर २७.३२ रुपए कर दी गई। इसके चलते किसानों को शुद्ध भोजन नहीं मिल रहा है। ऐसे में किसानों की संख्या भी कम होती जा रही है। लेकिन मण्डी का बिल बढ़ता जा रहा है। मण्डी में हर माह किसानों की संख्या एक से दो हजार से अधिक नहीं है। अक्टूबर में १०२०, नवंबर में १९१६ तथा दिसंबर में ११६४ किसान मंडी में आए। जबकि भोजन इन से भी ज्यादा लोगों ने किया है। बताया जा रहा है कि इनमें मंडी में काम करने वाले हमाल अलग से शामिल है। इनकी संख्या किसानों से कई अधिक है। अक्टूबर २०१९ में हमाल ३६८२, नवंबर में ४०८९ तथा दिसम्बर में ४६९२ हमाल शामिल है।
हमाल की संख्या ज्यादा
किसान दिसंबर से फरवरी तक कम आते है, लेकिन हमाल वही रहते है। कूपन देकर पैसा मांगने की बात सामने नहीं आई है। ऐसा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। तेल में गड़बड़ी है तो उसकी खाद्य सुरक्षा अधिकारी को बुलाकर जांच करवा लेंगे।
महिपालसिंह, सचिव कृषि उपज मंडी समिति भीलवाड़ा

Suresh Jain Reporting
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