तीसरी लहर की आशंका, 18 साल तक के 12.51 लाख बच्चे और किशोरों का नहीं हुआ टीकाकरण

प्रशासन- चिकित्सा विभाग सर्तक, संसाधन बढ़ाने में जुटा

By: Suresh Jain

Published: 18 Jun 2021, 09:57 AM IST

सुरेश जैन
भीलवाड़ा।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर लगभग थम सी गई है, लेकिन सितम्बर या अक्टूबर में तीसरी लहर की आशंका ने अभी से ही प्रशासन और चिकित्सा विभाग को चिंता में डाल रखा है। इस लहर में बच्चों और किशोरों के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है, क्योंकि अभी 18 साल से कम आयु के बच्चों और किशोरों के कोविड से बचाव के लिए वैक्सीन नहीं आने से टीकाकरण नहीं हुआ है। इस आयु वर्ग के जिले में 12.51 लाख से ज्यादा बच्चे हैं। दूसरी लहर से सबक लेते हुए प्रशासन और चिकित्सा विभाग तीसरी लहर से मुकाबले के लिए सारी तैयारियां शुरू कर दी है। जरूरी संसाधन जुटाए जा रहे हैं।
जिले में शिशुरोग विशेषज्ञों की कमी
टीकाकरण नहीं होने के कारण कोविड होने पर बच्चों का भी उन्हीं दवा से इलाज किया जाएगा, जिन दवाओं से बड़ों का इलाज किया गया था। जिले में शिशुरोग विशेषज्ञों की कमी है। यहां केवल २१ सरकारी शिशु रोग विशेषज्ञ है। जिले के सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सकों के ४५४ पद स्वीकृत है, लेकिन इसमें भी अभी तक १५५ पद रिक्त है। हालांकि महामारी के दौरान कई रिक्त पदों पर तीन से चार माह के लिए संविदा पर कार्मिकों को लिया गया।
ये संसाधन जुटाए
- एमजीएच, आयुष, ईएसआई अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे है। एमजीएच में ९० सिलेण्डर का स्वयं का ऑक्सीजन प्लंाट है। ४०० सिलेण्डर की क्षमता का प्लांट जिंदल और ३५ सिलेण्डर की क्षमता का प्लांट सिक्योर ने एमजीएच अस्पताल परिसर में स्थापित किया है।
-अग्रवाल उत्सव भवन व आयुष चिकित्सालय में १००-१०० बेड व ईएसआई चिकित्सालय में ७० बेड सेंटरलाईजड ऑक्सीजन पाइप लाइन के साथ तैयार है। अग्रवाल उत्सव भवन में अभी १३ मरीज भर्ती है।
- एमजीएच में बेकार पड़े एक हिस्से को मोटिवेशन अवेयरनेस एण्ड एक्शन संस्थान की अध्यक्ष मोना शर्मा ने गोद लेकर ५० बेड का बच्चों का वार्ड तैयार किया है। इनमें 10 बेड का पीआईसीयू, ६ बेड का एनआईसीयू तथा ३४ बेड ऑक्सीजनयुक्त शामिल है। इसके अलावा १० बेड एमआईसीयू व २० बेड आईसीयू के तैयार है। २० बेड का टीबी अस्पताल तैयार है।
- २८१ बेड एमजीएच तथा १०० बेड एमसीएच में ऑक्सीजन युक्त तैयार है।
- एमजीएच में ४० बेड का डायबिटीक वार्ड अलग से है। अस्पताल में ६८ वेंटिलेटर में से ४६ कोविड में काम आ रहे है।
------------
ब्लॉक स्तर पर यह है तैयारी
- ब्लाक स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर ऑक्सीजनयुक्त बेड बढ़ाए जा रहे है। चिन्हित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 5 बेड अलग से रिजर्व रखे जा रहे है।
- १४ सीएचसी पर १० व पीएचसी पर ५ बेड ऑक्सीजनयुक्त तैयार है।
- गुलाबपुरा, जहाजपुर, शाहपुरा, रायपुर, आसीन्द, गंगापुर तथा मांडलगढ़ में शिशु रोग विशेषज्ञ है। वहां पर १५-१५ बेड के वार्ड बनाए गए है।
१२५६ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर
४८० ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ७६ पीएचसी पर
१४८ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर २७ सीएचसी पर
१२ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर शाहपुरा सेटेलाइट पर
१४ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर ९ यूपीसी पर
४६ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर अग्रवाल उत्सव, आयुष व पुलिस लाइन के अस्पतालों में
२०० ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एमजीएच में
३५६ ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और आने है।
--------
जिले में चिकित्सकों के रिक्त पदों की स्थिति
स्वीकृत पदस्थापित रिक्त
३४१ २३९ १०२
एमजीएच और शहर में चिकित्सकों की स्थिति
स्वीकृत पदस्थापित रिक्त
११३ ६० ५३
-----------------------
कोरोना मरीजों की स्थिति
वार्ड बेड रिक्त भर्ती
सामान्य २१३ २१३ ०
ऑक्सीजन ८५० ८१३ ३७
आईसीयू ९२ ९० २
वेंटिलेटर ६७ ५३ १४
योग १२२२ ११६९ ५३
---------
फोटो..३९..तीसरी लहर के लिए तैयार
बच्चों की दवाई व आवश्यक उपकरण जिला कलक्टर के माध्यम से सरकार से मांगे गए हैं। जीवन रक्षक दवा व एक एम्बुलेंस के लिए विधायक वि_लशंकर अवस्थी ने जिला परिषद सीईओ को पत्र लिखा है। डीएमएफटी फंड से भी आवश्यक सामग्री दिलाने के लिए कलक्टर को पत्र लिखा है।
डॉ. अरुण गौड़, अधीक्षक एमजीएच
------
फोटो....ऑक्सीजन की कमी नहीं रहेगी
दूसरी लहर में ऑक्सीजन की थोड़ी कमी थी, लेकिन यह कमी तीसरी लहर में नहीं रहेगी। इसके लिए जिले की पीएचसी व सीएचसी समेत हर अस्पताल में एक हजार से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर रखवाए गए है। दवा के लिए सरकार से मांग की गई है।
डॉ. मुस्ताक खान, सीएमएचओ

Suresh Jain Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned