डायबिटीज व स्टेरॉयड ले चुके 80 मरीजों से लिया फीडबैक

कोरोना को लेकर एमजीएच जुटा रहा जानकारी

By: Suresh Jain

Published: 09 Jun 2021, 08:37 PM IST

भीलवाड़ा .
यहां का महात्मा गांधी अस्पताल का प्रशासन कोरोना से निजात पा चुके लोगों से सेहत संबंधी जानकारी जुटा है ताकि पोस्ट कोविड परेशानी से बचाया जा सके। एमजीएच के डॉक्टरों ने एेसे 70 मरीजों की सूची बनाई है, जिन्हें कोरोना इलाज के दौरान स्टेरॉयड के 10 इंजेक्शन दिए या जिनका डायबिटीज बढ़ गया। अब इन मरीजों से फोन या वीडियो कॉलिंग से सेहत का फीडबैक लिया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि एेसा प्रदेश में भीलवाड़ा में ही किया जा रहा है।
एमजीएच के अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि कुछ माह से एमजीएच में भर्ती मरीजों की फाइल देखकर सूची बनाई व जिला कलक्टर को सौंपी। उस आधार पर सर्वे किया जा रहा है। फोन से भी जानकारी जुटाई जा रही है। मरीजों व उनके परिजनों को बता रहे हैं कि ब्लैक फंगस के लक्षण नजर आते ही तुरंत ईएनटी डॉक्टर से सम्पर्क करें। वही ४० बैड का अलग वार्ड बना रखा है जिनमें अधिक डायबिटीज वाले कोरोना संक्रमितों को रखा जा रहा है। उनकी जांच हेल्प डेस्क सेन्टर पर शुरू कर दी। शुगर होने पर उपचार उसी आधार पर किया जा सके।
डॉ. गौड़ ने बताया कि ब्लैक फंगस खतरनाक इंफेक्शन है, जो अब तक कम लोगों को होता था लेकिन कोरोना ने तेजी से फैलाया। इलाज में एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन अहम है। ब्लैक फंगस आमतौर पर साइनस, मस्तिष्क व फेफड़ों को प्रभावित करता है। कई दिन से नाक बंद है या खून या काला कुछ निकल रहा है। गाल की हड्डियों में दर्द है और चेहरे में दर्द या सूजन है। नाक की ऊपरी सतह काली हो गई है। दांत ढीले हो रहे हैं, आंखों में दर्द और धुंधला दिख रहा है या सूजन है। थ्रांबोसिस, नेक्रोटिक घाव, सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरन्त डॉक्टरों को दिखाना चाहिए।

Suresh Jain Reporting
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