साल का पहला कंकणाकृति सूर्यग्रहण

भारत में नहीं दिखाई देगा, सूतक भी नहीं लगेगा

By: Suresh Jain

Published: 09 Jun 2021, 11:28 PM IST

भीलवाड़ा।
साल का पहला सूर्य ग्रहण गुरुवार को लगेगा। इस दिन कई देशों में रिंग ऑफ फॉयर का दुर्लभ नजारा दिखेगा। इस दौरान चंद्रमा की परछाई सूर्य के 97 फीसदी हिस्से को पूरी तरह से ढंक लेगी। इस कारण कुछ समय के लिए सूरज की आकृति हीरे की अंगूठी के जैसे अथवा कंगन के जैसी दिखाई देगी। इसलिए इसे रिंग ऑफ फायर और कंकणाकृति सूर्यग्रहण भी कहा जाता है। लेकिन, यह दृश्य भारत में नहीं दिखेगा। इसलिए सूतक भी नहीं लगेगा।
ग्रहण अवधि 5 घंटे की होगी
पंडित अशोक व्यास के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या को सूर्य ग्रहण होगा, जो गुरुवार को है। यह खगोलीय घटना है। ग्रह-नक्षत्रों के परिवर्तन बहुत ही महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस दिन शनि जयंती के साथ ही वट सावित्री व्रत भी है। हालांकि भारत में सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा। इसलिए अधिक प्रभाव नहीं होगा। ग्रहण 1.42 मिनट से प्रारंभ होगा और 6.41 तक रहेगा। इसकी कुल अवधि लगभग 5 घंटों की होगी।
ग्रहण अवस्था - भारतीय समयानुसार
ग्रहण प्रारंभ - दोपहर 1.42 बजे
कंकणाकृति प्रारंभ - दोपहर 3.25 बजे
ग्रहण मध्य सायं - समय 4.12 बजे
कंकणाकृति समाप्त - सायं 4.59 बजे
ग्रहण समाप्त - सायं 6.41 बजे
कंकणाकृति अधिकतम दृश्य - 3 मिनट 48 सेकंड

Suresh Jain Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned