घट स्थापना का पहला मुहूर्त 8.12 बजे

आज सुबह 11.52 से कल सुबह 6.32 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग

By: Suresh Jain

Published: 16 Oct 2020, 08:54 PM IST

भीलवाड़ा।
आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा में शनिवार से शारदीय नवरात्र प्रारंभ होंगे। इस दिन मुहूर्तानुसार मंदिरों व घरों में घट स्थापना की जाएगी। इस दिन मनोरथ पूर्ण करने वाला सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। शनिवार सुबह 11.52 से रविवार सुबह 6.32 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। 58 साल बाद नवरात्र स्थापना वाले दिन गुरु और शनि ग्रह अपनी राशियों में रहेंगे। मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर धरती पर आएंगी और हाथी पर सवार होकर वापस जाएंगी। नवरात्र को लेकर जिले के सभी शक्ति पीठों पर तैयारी कर ली है।
मंदिरों में विद्युत सजावट करने के साथ कोरोना को देखते विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु ज्यादा देर मंदिर नहीं रूके, इसके लिए भी मंदिरों में विशेष व्यवस्था की है। शनिवार सुबह से अगले दिन सुबह तक खरीदारी के लिए सर्वार्थ सिद्धि योग है। 25 अक्टूबर को नवमी वाले दिन ही विजयादशमी मनाई जाएगी।
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि सर्वार्थ सिद्धि योग मनोरथ पूर्ण करने वाला योग माना जाता है। सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। शनिवार का दिन वाहन की खरीदारी व नए व्यापार का शुभारंभ करना शुभ है। 1962 के बाद इस बार शारदीय नवरात्र स्थापना वाले दिन शनिवार को गुरु ग्रह अपनी स्वराशि धनु में जबकि शनि ग्रह अपनी स्वराशि में मकर में रहेगा। यह परिवार की खुशहाली और धन ऐश्वर्य में वृद्धि कारक माना गया है। इस दिन मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आएंगी। मां दुर्गा का घोड़े पर आना शुभ नहीं माना गया है। घोड़ा युद्ध का प्रतीक है। इसे सत्ता और शासन के लिए अशुभ माना गया है। प्राकृतिक आपदा, गृह युद्ध व पड़ोसी देश से युद्ध की आशंका रहेगी। मां दुर्गा की हाथी पर विदाई अच्छी बारिश व अधिक खाद्यान्न उत्पादन का प्रतीक माना गया है।
हरणी महादेव की पहाडिय़ों पर स्थित चामुण्डा माता मंदिर के व्यवस्थापक बनवारीलाल ने बताया कि मंदिर में विशेष व्यवस्था की गई है। धनोप माता मंदिर, आसीन्द के बंक्यारानी माता मंदिर, जहाजपुर के घोड़ माताजी का मंदिर, रोडवेज बस स्टैण्ड स्थित दुर्गामाता का मंदिर पर भी कोरोना को लेकर अलग से व्यवस्था की गई है। जोगणिया माता के दर्शन व अन्य धार्मिक कार्यक्रमों की ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। जोगणिया माता शक्तिपीठ संस्थान के कार्यवाहक अध्यक्ष सत्यनारायण जोशी ने बताया कि धार्मिक अनुष्ठान होंगे लेकिन दर्शन के लिए मुख्य द्वार स्थिति के अनुसार खुला या बन्द रहेगा।
घटस्थापना के शुभ मुहूर्त
नवरात्र: शनिवार सुबह 8.12 से 9.37 बजे तक। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.49 से दोपहर 12.46 बजे तक। चर लाभ व अमृत का चौघडिय़ा सुबह 11.49 से शाम 4.28 बजे तक।
दुर्गाअष्टमी : 23 अक्टूबर को सुबह 6.57 से 24 अक्टूबर को 6.58 बजे तक।
नवमी : 24 अक्टूबर को सुबह 6.59 बजे से 25 अक्टूबर को सुबह 7.42 बजे तक।
विजयादशमी : 25 अक्टूबर को सुबह 7.43 बजे से 26 अक्टूबर सुबह 9.01 बजे।

Suresh Jain Reporting
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