scriptFive percent deliveries decreased in government hospitals, 45 percent | सरकारी अस्पतालों में घटेे पांच फीसदी प्रसव, 45 प्रतिशत सीजेरियन बढ़े | Patrika News

सरकारी अस्पतालों में घटेे पांच फीसदी प्रसव, 45 प्रतिशत सीजेरियन बढ़े

जिले में पिछले चार साल के दौरान सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केन्द्रों में साल दर साल प्रसव में कमी आई है। वहीं सीजेरियन से प्रसव के केस में खासा इजाफा हुआ है। सरकारी अस्पतालों में वर्ष 2018-19 की तुलना में वर्ष 2021-22 में जहां प्रसव में करीब 5 फीसदी की कमी आई । वहीं सीजेरियन करीब 45 फीसदी बढ़े हैं। चिकित्सक प्रसव में कमी का कारण लोगों में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ना बता रहे हैं।

भीलवाड़ा

Updated: May 10, 2022 10:49:21 pm

जयप्रकाश सिंह

जिले में पिछले चार साल के दौरान सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केन्द्रों में साल दर साल प्रसव में कमी आई है। वहीं सीजेरियन से प्रसव के केस में खासा इजाफा हुआ है। सरकारी अस्पतालों में वर्ष 2018-19 की तुलना में वर्ष 2021-22 में जहां प्रसव में करीब 5 फीसदी की कमी आई । वहीं सीजेरियन करीब 45 फीसदी बढ़े हैं। चिकित्सक प्रसव में कमी का कारण लोगों में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ना बता रहे हैं। सीजेरियन बढ़ने का कारण अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सक और चिकित्सा सुविधाएं बढऩे के साथ ही लोगों में जोखिम नहीं लेना बता रहे हैं। निजी अस्पतालों में भी यहीं चलन देखने को मिल रहा है।
Five percent deliveries decreased in government hospitals, 45 percent
Five percent deliveries decreased in government hospitals, 45 percent
चिकित्सा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में सरकारी अस्पतालों में वर्ष 2018-19 के दौरान कुल 40,511 प्रसव हुए। इसमें 2,970 सीजेरियन हुए। 2021-22 की अवधि में प्रसव का आंकड़ा चार साल पहले की तुलना में पांच फीसदी घटकर 38,405 रह गया, जबकि सीजेरियन करीब 45 फीसदी बढ़कर 4,299 हो गए।
मेडिकल काॅलेज खुला, गांवों में चिकित्सकों की नियुक्ति

भीलवाड़ा में वर्ष 2018 में मेडिकल काॅलेज शुरू हो गया। यहां जिला मुख्यालय पर राजकीय महात्मा गांधी अस्पताल को मेडिकल काॅलेज से सम्बद्ध कर दिया गया। मेडिकल काॅलेज शुरू होने के बाद यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं और चिकित्सकीय सुविधाओं में खासा इजाफा हुआ। ऐसे में जिला अस्पताल में प्रसव के मामले बढ़ गए। दो साल में कोरोना के कारण राज्य सरकार ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी चिकित्सक और सुविधाओं में बढ़ोतरी की। इसका भी असर प्रसव और सीजेरियन पर पड़ा है।
जांचों से जटिलताएं सामने आई

चिकित्सकों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रसव पूर्व जांच की सुविधाएं मिलने से गर्भवती को हो रही जटिलताओं का पता चल जाता है। प्रसव में किसी तरह की कठिनाई और रिस्क होने पर चिकित्सक परिजनों को इस बारे में बता देते हैं। ऐसे में परिजन भी जज्जा और बच्चा के लिए जोखिम नहीं लेते और तुरन्त सीजेरियन के लिए सहमति दे देते हैं।
जागरूकता से जन्मदर घटी

चिकित्सकों के अनुसार अब युगल एक या दो संतान ही चाह रहे हैं। उनमें परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ी है। अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए महिलाएं कई तरह के परिवार नियोजन के साधन अपना रही है। भीलवाड़ा परिवार नियोजन के मामले में वर्ष 2020-21 में राजस्थान में तीसरे स्थान पर रहा।
सुविधाएं सुधरी है...
अब पूरे जिले में चिकित्सा सुविधाएं बेहतर हुई है। ग्रामीण इलाकों में स्त्री रोग विशेषज्ञ होने से जोखिम होने पर सीजेरियन कर दिया जाता है। लोगों ने अब रिस्क लेना कम कर दिया है। परिवार नियोजन के प्रति लोगों में जागरूकता आई है।
- डाॅ. संजीव शर्मा, जिला शिशु और प्रजनन अधिकारी, भीलवाड़ा

पूर्व जांच में जटिलता का पता चलता

जिला चिकित्सालय में प्रसव और सीजेरियन दोनों मामले बढ़े है। गांवों से जटिल केस आने पर जिला अस्पताल में सीजेरियन करना पड़ता है। प्रसव पूर्व जांच होने से जटिलताएं और रिस्क भी पता चल जाती है। ऐसे में परिजन प्रसव के समय किसी तरह का जोखिम लेना नहीं चाहते।
- डाॅ. मुकेश सुवालक, स्त्री और प्रसूति रोग विशेषज्ञ, राजकीय महात्मा गांधी अस्पताल भीलवाड़ा

जिले के सरकारी अस्पतालों पर एक नजर

वर्ष कुल प्रसव सीजेरियन

2018-19 40511 2970
2019-20 41894 3774
2020-21 40485 4179
2021-22 38405 4299
निजी अस्पतालों पर एक नजर
वर्ष कुल प्रसव सीजेरियन
2018-19 5233 355

2019-20 4678 877

2020-21 4134 610

2021-22 4125 748

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

मौसम अलर्ट: जल्द दस्तक देगा मानसून, राजस्थान के 7 जिलों में होगी बारिशइन 4 राशियों के लोग होते हैं सबसे ज्यादा बुद्धिमान, देखें क्या आपकी राशि भी है इसमें शामिलस्कूलों में तीन दिन की छुट्टी, जानिये क्यों बंद रहेंगे स्कूल, जारी हो गया आदेश1 जुलाई से बदल जाएगा इंदौरी खान-पान का तरीका, जानिये क्यों हो रहा है ये बड़ा बदलावNumerology: इस मूलांक वालों के पास धन की नहीं होती कमी, स्वभाव से होते हैं थोड़े घमंडीबुध जल्द अपनी स्वराशि मिथुन में करेंगे प्रवेश, जानें किन राशि वालों का होगा भाग्योदयमोदी सरकार ने एलपीजी गैस सिलेण्डर पर दिया चुपके से तगड़ा झटकाजयपुर में रात 8 बजते ही घर में आ जाते है 40-50 सांप, कमरे में दुबक जाता है परिवार

बड़ी खबरें

Maharashtra Political Crisis: अयोग्यता नोटिस के खिलाफ शिंदे गुट पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, सोमवार को होगी सुनवाईMaharashtra Political Crisis: एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने पर दिया बड़ा बयान, कहीं यह बातBypoll Result 2022: उपचुनाव में मिली जीत पर सामने आई PM मोदी की प्रतिक्रिया, आजमगढ़ व रामपुर की जीत को बताया ऐतिहासिकRanji Trophy Final: मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास, 41 बार की चैम्पियन मुंबई को 6 विकेट से हरा जीता पहला खिताबKarnataka: नाले में वाहन गिरने से 9 मजदूरों की दर्दनाक मौत, सीएम ने की 5 लाख मुआवजे की घोषणाअगरतला उपचुनाव में जीत के बाद कांग्रेस नेताओं पर हमला, राहुल गांधी बोले- BJP के गुड़ों को न्याय के कठघरे में खड़ा करना चाहिए'होता है, चलता है, ऐसे ही चलेगा' की मानसिकता से निकलकर 'करना है, करना ही है और समय पर करना है' का संकल्प रखता है भारतः PM मोदीSangrur By Election Result 2022: मजह 3 महीने में ही ढह गया भगवंत मान का किला, किन वजहों से मिली हार?
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.