चार को फूल देकर भेजा घर

अब छह और भर्ती

By: Suresh Jain

Published: 10 May 2020, 08:19 PM IST

भीलवाड़ा .

जिले वासियों के लिए रविवार का दिन खुशी का है। महात्मा गांधी अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में भर्ती हुए चार जनों का कोरोना वायरस से फ्री करके घर भेज दिया गया है। अब इन चारों को अगले १४ दिन के लिए होम आइसोलेशन में रहना होगा। इनमें एक जयपुर से गुलाबपुरा आया युवक है तो दो उसके साले है। जबकि एक चांदरास का व्यक्ति शामिल है। अब अस्पताल में छह रोगी और भर्ती है जिनका उपचार चल रहा है। इनमें से दो जनों की दो बार की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। जबकि चार की पहली रिपोर्ट नेगेटिव आई है। अब तक कोरोना संक्रमण के ४३ पॉजिटिव रोगी सामने आए है। इनमें से ३४ ठीक होकर घर जा चुके है। जबकि छह संदिग्ध रोगी अभी भी उपचारत है। वहीं एक जयपुर में भर्ती है। जबकि दो की मौत हो चुकी है। इन चारों को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजन नन्दा एमजीएच के अधीक्षक डॉ. अरूण गौड़ ने फूल दिए।
दुआ है कि आज घर पहुंच रहा हूं
जयपुर से फल की ट्रक में सवार होकर अपनी पत्नी से मिलने के लिए आए जुबेर खान (२८) का कहना है कि उसे खुशी है कि आज उसे घर भेज रहे है। खाना अच्छा आता है, लेकिन यहां अच्छा नहीं लगता था। शुरू में आइसोलेशन वार्ड में गर्मी के कारण कुछ भी खाने की ईच्छा नहीं होती थी, लेकिन स्टेप डाउन वार्ड में आने के बाद सब कुछ अच्छा लग रहा था। डाक्टरों व स्टॉफ के लोगों ने अच्छा ध्यान रखा। में यही संदेश देना चाहता हूं कि कोई भी बात किसी से नहीं छुपाए। जुबेर का कहना है कि आश्चर्य इस बात का ही उसकी एक साल की बेटी को गोद में खिलाने के बाद भी उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। दोनो साले के नहीं रहा फिर भी वे पॉजिटिव आ गए।
जुबेर के साले जावेद (२१) व नाजीर (१४) ने साथ में खाना खाने से कोरोना पॉजिटिव आए थे। लेकिन अब यह दोनो भी स्वस्थ होकर घर लोटने पर कहा कि यहां के डाक्टरों का पूरा सहयोग रहा। शुरू में परेशानी हुई। लेकिन डाक्टरों व स्टाफ को लोगों ने अच्छा ख्याल रखा। हर समय समझाते रहे। अब दोनो भाई ठीक होकर गुलाबपुरा स्थित घर जा रहे है। जावेद व नाजीर का कहना है कि वह कोरोना पॉजिटिव कैसे हुए यह आज तक उन्हें समझ नहीं आया है। दोनो साफ इंकार किया है कि जीजा के साथ खाना नहीं खाया। न ही उनसे खुल कर कोई बात हुई। दो साल से बोलचाल भी नही थी। गौरतलब है कि गुलाबपुरा के इस युवक ने घर जाने के लिए वार्ड में तोडफोड़ तक की थी। इससे पहले इसकी ***** ने एक होटल की छत से नीचे कूदने की धमकी दी थी।
डाक्टरों ने की सेवा
मांडल के चांदरास गोविन्दपुरा निवासी कलाराम (४५) ने कहा कि कोरोना होने पर थोड़ा डर लगा जितना डर तो मुम्बई से गांव आने पर भी नहीं लगा था। आज वह ड़ाक्टरों की सेवा से बहुंत खुश है और अपने गांव जा रहा है। कलाराम ने बताया कि वह मुम्बई में आइसक्रीम की लॉरी लगाता था। पत्नी के साथ 25 मार्च को पैदल रवाना हुआ। 18 अप्रेल को बडौदा पहुंचने पर उसे गांव का ही ट्रक चालक मिल गया। इसके साथ २० अप्रेल को गांव आ गया था। आज कोरोना फ्री होकर गांव जा रहा हूं।

Suresh Jain Reporting
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