सरकार ने अनुदान की शर्ते ही बदल डाली

सरकार ने अनुदान की शर्ते ही बदल डाली
Government changed terms of grant in bhilwara

Suresh Jain | Publish: Jul, 20 2019 11:29:57 AM (IST) Bhilwara, Bhilwara, Rajasthan, India

फसलों को मवेशियों से बचाने के लिए खेतों में होगी तारबंदी, कृषि विभाग किसानों को समूह में देगा अनुदान

To save crops from cattle, fields will be distributed in agriculture, agriculture department will give grants to the farmers

भीलवाड़ा।


मवेशियों से फसलों को बचाने के लिए कृषि विभाग ने तारबंदी योजना में संशोधन करते हुए तीन किसानों के समूह और 5 हैक्टेयर में अनुदान देना तय किया है। पहले छह किसानों के समूह को 10 हैक्टेयर के मापदंड के आधार पर अनुदान दिया जाता था।

 

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/tarbandi-uojna-4283179/

 

राष्ट्रीय खाद्य मिशन 2019-20 योजना के तहत सभी श्रेणी के किसानों को कांटेदार व चैनलिंक तारबंदी पर अनुदान दिया जाएगा। प्रदेश में चार लाख ४२ हजार ७३० मीटर तारबंदी का लक्ष्य है। जिले में ८५०० मीटर की तारबंदी पर अनुदान देने का लक्ष्य है। किसानों को खेतों में तारबंदी के अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। किसान सामूहिक या समूह के रूप से आधार पर एक किसान की ओर से ई-मित्र पर ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पर अपलोड करा सकेंगे। इससे पहले भी सरकार की ओर से किसानों की फसलों को मवेशियों से बचाने के लिए तारबंदी की योजना शुरू की थी। आवेदन लेकर अनुदान सीमा में छूट नहीं होने से कम संख्या में ही किसान अनुदान योजना का लाभ ले सके थे।

 

 

जिले में 8500 का लक्ष्य
जिले में तीन लाख से भी अधिक किसान हैं। इस बार ४ लाख ३९ हजार हैक्टेयर में खरीफ की बुवाई की गई है। कई किसानों के पास फसलों को बचाने के लिए चारदीवारी की व्यवस्था नहीं है। इसके लिए मात्र ८५०० मीटर तारबंदी को लक्ष्य दिया है जो काफी कम है।

ये चाहिए दस्तावेज
समूह के किसानों को हस्ताक्षरयुक्त मूल आवेदन भरकर जमाबंदी नकल, खेत का नक्शा, आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड, बैंक खाता विवरण लगाने होंगे। आवेदन स्केन कर अपलोड करने के बाद मूल आवेदन कृषि विभाग कार्यालय में जमा कराना होगा। इसके बाद अनुदान स्वीकृत होने पर किसानों के समूह को मोबाइल के मैसेज के माध्यम से सूचना दी जाएगी।

 

 

400 मीटर तक अनुदान
समूह में तारबंदी करने पर किसानों को ४०० मीटर तक की तारबंदी पर ही ४०० रुपए वर्गमीटर के आधार पर अनुदान मिलेगा मिलेगा। तारबंदी स्वयं को लगानी होगी।
जीएल चावला, उप निदेशक, कृषि विभाग (विस्तार)

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned