भीलवाड़ा की सड़कों पर दौड़ रही डरावनी बसें, परिवहन विभाग बेखबर

patrika.com/rajsthan news

By: jasraj ojha

Published: 01 Mar 2020, 06:34 PM IST

नरेंद्र वर्मा-जसराज ओझा भीलवाड़ा. किसी बस में कांच टूटा है तो किसी में सीटें ही नहीं है। स्पीड मीटर, फस्र्ट एड बॉक्स को बहुत दूर की बात है। चौंकाने वाली बात है कि इन बसों को परिवहन विभाग ने फिटनेस प्रमाण पत्र भी जारी कर रखा है। अब सवाल यह है कि जो बसें धक्का स्टार्ट है उनका फिटनेस ओके मानकर उन्हें सड़कों पर चलाने की मंजूरी कैसे दी गई। हाल ही में बूंदी में हुआ हादसी भी इसी का परिणाम था। अब जिले में संचालित निजी बसों में भी एेसा ही हो रहा है। इस हादसे के बाद राजस्थान पत्रिका की टीम ने प्राइवेट बस स्टैंड पर निजी बसों की जांच की। इसमें चालक व कंडक्टर से बीमा-फिटनेस मांगा तो अधिकांश ने यही कहा कि घर पर पड़े हैं। किसी ने फिटनेस ओके होना बताया कि किसी ने कहा, अभी खत्म हुआ है जिसका नवीनीकरण कराना है। इन बसों की हालत यह थी कि जो यात्री बैठे हुए थे वे खुद यही कह रहे थे कि बसें सेल्फ स्टार्ट ही नहीं है। एेसे में इमरजेंसी ब्रेक आदि की सुविधा नहीं है।
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लंबे रूट की गाडि़यां भी खटारा
भीलवाड़ा से कामलीघाट, केकड़ी, चित्तौडग़ढ़, राजसमंद, अजमेर, देवगढ़, भीलवाड़ा-कोटड़ी, भीलवाड़ा-भीम, ब्यावर जैसे रूट पर जो निजी बसें संचालित है उनमें से अधिकांश खटारा है। कई छोटी गाडि़यां है जो एेसी है कि दिखने में लगता है कि ये चलेगी भी या नहीं। इन बसों में यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
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परिवहन विभाग क्या कर रहा निगरानी
सवाल यह है कि परिवहन विभाग इन बसों से टेक्स तो वसूल रहा है लेकिन इनकी हालत क्या है यह देखने की कभी जहमत नहीं उठाई है। निजी फिटनेस सेंटर पर क्या गड़बड़ी हो रही है इसकी जांच भी नहीं होती है। एेसे में खटारा बसों को ही फिटनेस प्रमाण पत्र मिल रहा है।
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कैसे करे जांच, नहीं होता है डिस्प्ल
ेनियमानुसा, प्रत्येक बस मालिक को बीमा, फिटनेस आदि दस्तावेज को फ्रंट कांच पर प्रदर्शित करना जरूरी है। अधिकांश बसों में एेसा नहीं हो रहा है। इसके बावजूद कोई देखने वाला नहीं है। बसों के मालिक मामूली कमाई के चक्कर में यात्रियों की जान को खतरे में डाल रहे हैं।
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रोडवेज के नाम पर यात्रियों से धोखा
जिले में कई एेसी बसें चल रही है जो रोडवेज के कलर में है। इनमें यात्री भ्रमित हो रहे हैं। जानकारों ने बताया कि ये बसें कभी रोडवेज में अनुबंधित थी जो अब हट गई। अभी भी इन बसों पर भीलवाड़ा आगार लिखा हुआ है। एेसे में यात्री असमंजस में रहते हैं। इनमें भी सुविधाएं नहीं है।
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हमने फिटनेस का काम निजी सेंटर को दे रखा है। इसमें सभी मापदंड देखकर बसों को फिटनेस देने के निर्देश है। फिर भी इन सेंटर की जांच कराएंगे। नई व्यवस्था के तहत अब ऑनलाइन भी फिटनेस जारी होंगे। कहीं शिकायत मिली तो त्वरित कार्रवाई करेंगे।
डॉ. वीरेंद्र सिंह राठौड़, जिला परिवहन अधिकारी

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