ट्रक में फोम की आड़ में अवैध शराब का जखीरा

चालक फरार, खलासी धरा गया
अजमेर से इंदौर का बनाया फर्जी बिल व बिल्टी
496 अंग्रेजी शराब के कार्टून जब्त, कीमत 35 लाख

By: Suresh Jain

Published: 20 Nov 2020, 10:19 PM IST

भीलवाड़ा।
राज्य माल एवं सेवा कर (स्टेटजीएसटी) विभाग की टीम ने गुरुवार मध्य रात्रि अजमेर फोरलेन मार्ग स्थित लांबिया टोल नाके पर अंग्रेजी शराब से भरा ट्रक पकड़ा। सत्यापन की कार्रवाई के दौरान शुक्रवार सुबह ट्रक में अवैध शराब होने का खुलासा हुआ। इसी सत्यापन की कार्रवाई के दौरान चालक व खलासी भाग छूटे, कर्मियों ने पीछा कर खलासी को पकड़ लिया, जबकि चालक हाथ नहीं लगा। ट्रक में फोम परिवहन की मिली बिल्टी भी फर्जी निकली। जब्तशुदा अंग्रेजी शराब की कीमत करीब 35 लाख रुपए आंकी है। समूचे मामले की जांच अब आबकारी विभाग कर रहा है।
स्टेट जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर कानाराम ने बताया कि एंटीविजन टीम सहायक आयुक्त मुकेश दूदवाल व मुकेश चौधरी, स्टेट टैक्स ऑफिसर हरनाथ सिंह चारण व अल्पेश राज की अगुवाई में गुरुवार रात लांबिया टोल नाके पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान अजमेर की तरफ से आए ट्रक को रोक कर पूछताछ की गई। ट्रक में फोम भरा था। चालक ने जो बिल बताया,उसमें माल 2 लाख 11 हजार 452 रुपए का होना अंकित था। लेकिन ई-वे बिल नहीं था। टीम ट्रक को जप्त कर भीलवाड़ा में गायत्री आश्रम के निकट स्थित स्टेट जीएसटी कार्यालय ले आई।
सत्यापन के दौरान चालक-खलासी भागे
टीम शुक्रवार सुबह ट्रक में लदे माल का भौतिक सत्यापन करने लगी। इस दौरान टीम सदस्यों ने ट्रक में भरे फोम को हटाया तो अवैध शराब के कार्टून देख कर सन्न रह गए। इस पर यहां मौजूद चालक व खलासी कार्मिकों का हाथ छुड़ा कर भाग निकले। कर्मचारियों ने पीछा कर खलासी को दबोच लिया। जबकि चालक हाथ नहीं लगा। खलासी ने पूछताछ में बाड़मेर जिले का आलमसर निवासी धन्नाराम जाट होना बताया। जबकि फरार चालक हरजी जाट के उसके ही गांव का बताया। ट्रक की तलाशी के दौरान हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब की ४९६ पेटियां निकली।
कम्प्यूटर से बनाया फर्जी बिल
ट्रक में भरे फोम की बिल्टी अजमेर के गुरुदया फोम की थी। टीम ने संचालक राजेश तेलवानी को फोन करके घटना की जानकारी दी और बिल्टी का बिल मांगा। इस पर तेलवानी ने बताया कि इंस्टेली फॉम इण्डस्ट्री इन्दौर के नाम से कोई बिल नहीं बनाया है। ११७ नंबर का बिल अजमेर के हैप्पी होम के नाम से गत ५ अगस्त को जरुर बनाया गया था। इसके बाद तेलवानी वास्तविक बिल लेकर अजमेर से भीलवाड़ा आया और अधिकारियों को बिल दिया। तेलवानी का कहना था कि जीएसटी नंबर उसी के फर्म के है, लेकिन बिल फर्जी है। बिल में ८० फोरम लिखे हैै, जबकि मौके पर मात्र १९ बंडल मिले।
बिल्टी पर भी संदेह
अधिकारियों का कहना है कि जय बजरंग ट्रांसपोर्ट के नाम से बनी बिल्टी फर्जी हो सकती है। क्योंकि बिल्टी में अजमेर का कोई पता तक नहीं दे रखा है। यह ट्रांसपोर्ट अहमदाबाद नाम से जो फर्जी लग रही है। माना जा रहा है कि यह माल अन्य स्थान से भरा गया है, लेकिन बताया अजमेर से जा रहा है। कानाराम ने बताया कि अवैध शराब से भरा ट्रक व खलासी बाद में आबकारी विभाग को सौंप दिया गया।
आबकारी विभाग को जांच
आबकारी निरीक्षक आशीष शर्मा ने बताया कि स्टेट जीएसटी की सूचना के आधार पर शुक्रवार को अवैध शराब से भरा ट्रक जब्त कर लिया गया। प्रकरण में खलासी को एक्साइज एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक पूछताछ सामने आया कि ट्रक गुजरात पासिंग है और अवैध शराब हरियाणा से गुजरात की तरफ जा रही थी। हालांकि बरामदशुदा बिल्टी में अजमेर से इंदौर अंकित है। फरार चालक की तलाश शुरू कर दी गई है।

Suresh Jain Reporting
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