चारागाह भूमि में किया बजरी का अवैध स्टॉक, तालाब में बनाई सड़क

बजरी माफिया अब चारागाह भूमि पर भी बजरी का अवैध स्टॉक करने लगे हैं

By: tej narayan

Published: 10 Feb 2018, 12:41 AM IST

गेन्दलिया।

बजरी माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से माफिया अब चारागाह भूमि पर भी बजरी का अवैध स्टॉक करने लगे हैं। इतना ही नहीं बजरी परिवहन के लिए पुलिस व प्रशासन से बचने के लिए इन्होंने फूटिया तालाब में से होकर अवैध ग्रेवल सड़क का भी निर्माण कर दिया। ताकि बनास नदी से बजरी से भरे ओवर लोड वाहनों का संचालन आसानी से किया जा सके।

 

PIC : 'शिव-शक्ति' मेंअवतरित हुए दशावतार देख दर्शक हुए मंत्रमुग्ध

 

माफिया अब बनास नदी से बजरी का दोहन कर फूटिया तालाब में से होकर भाकलिया के पास चारागाह भूमि में बजरी का अवैध स्टॉक कर रहे हैं। ग्रामीणों ने गत दिनों इस मार्ग को बंद कर दिया था। लेकिन माफियाओं ने जेसीबी मशीन से वापस मार्ग को खोल दिया। कार्रवाई से बचने के लिए देर रात को बजरी खनन किया जाता है।

 

READ: भीलवाड़ा: भोजन में जहर से मौतें होने की आशंका ज्यादा

 

बजरी से भरे दो ट्रक जब्त

अमरगढ़ क्षेत्र के शक्करगढ़ थाना पुलिस व खनिज विभाग के अधिकारियों के साथ गुरुवार देर रात अवैध रूप से बजरी भरकर ले जा रहे दो ट्रक जप्त किए। बाद में विभाग ने कार्रवाई शुरू की। थाना प्रभारी दशरथ सिंह ने बताया क्षेत्र में अवैध रूप से बजरी ले जाने सूचना के आधार पर क्षेत्र में नाकाबंदी कराई गई। इस दौरान बाकरा रोड से आए बजरी से भरे दो ट्रको जब्त कर खनिज विभाग को सौंपा गया। इस पर खनिज विभाग ने कार्रवाई शुरू की।

 

 

बेडच नदी का एनिकट क्षतिग्रस्त

बरून्दनी से चार किलोमीटर दूर बेडच नदी में निर्मित एनिकट अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से जगह जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है । बारहों मास पानी से लबालब भरे रहने वाले एनिकट का पानी बह चुका है । पानी के बहने से एनिकट का सूख चुका पैटा क्षेत्र मैदान की भांति दिखाई दे रहा है । हजारों वन्य जीवों के समक्ष पेयजल का गम्भीर संकट उत्पन्न होने वाला है । इससे उनका अन्यत्र पलायन होना शुरू हो गया है । दूसरी ओर क्षतिग्रस्त एनिकट के पेटा क्षेत्र में भारी मात्रा में एकत्रित बजरी पर बजरी माफि या की नजर है । एनिकट के दोनों किनारों के छोर की दीवार टूट गई है । मुख्य दीवार बीच बीच में भी कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है । एनिकट की दक्षिणी छोर की दीवार तो टूटी ही लेकिन उसके साथ साथ नदी के किनारे ( ढावे ) का बड़ा हिस्सा भी टूट कर बह गया । क्षतिग्रस्त हिस्से से लगातार भारी मात्रा में पानी बह कर निकल रहा है ।


बताया जाता है कि बजरी कारोबार से जुडे लोगों ने एनिकट की एक छोर के किनारे की दीवार को तुडवा दिया । एनिकट के पानी के सूखने से अब उसके पेटा क्षेत्र की बजरी का दोहन करना चाहते है। यह एनिकट २००1 को बना था। इस सम्बध में बडलियास की पूर्व सरपंच अक्षय कंवर ,बड़लियास सरपंच सत्यनारायण काबरा ,सुरास सरपंच युवराज सिंह , बरून्दनी सरपंच काली देवी खटीक ने कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराकर एनिकट की मरम्मत की मांग की लेकिन कोई सुनवाई नही हुई।

tej narayan
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned