गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन

अनंत चतुर्दशी

By: Suresh Jain

Published: 02 Sep 2020, 06:02 AM IST

भीलवाड़ा।
दस दिवसीय गणेश महोत्सव के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर मंगलवार को गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। गणेश प्रतिमाओं को घरों में तुलसी के गमले में रखकर पूजा की व पानी डालकर विसर्जन किया। इससे मिट्टी की मूर्ति गलकर तुलसी के पौधे के गमले में समा गई।

गणेश उत्सव प्रबंध एवं सेवा समिति के मनाए जाने वाले गणेश महोत्सव घर-घर में छोटी प्रतिमा लगा धूमधाम से मनाया गया। गणेश भक्तों ने गणपति को अपने नजदीक के तालाब, नदी में परिवार सहित जाकर विधि-विधान पूर्वक चुनरी ओढ़ाकर गणपति को विदा किया। भगवान गणेश 10 दिन के लिए अपने घरों में एक मेहमान बन कर आते हैं जिसे विसर्जन कर विदा किया जाता है। गणपति बप्पा मोरिया अगले बरस बिन कोरोना के तू जल्दी आ... के जयकारों के साथ अगले साल उन्हें मेहमान के रूप में जल्दी बुलाने के लिए कहा जाता है। समिति अध्यक्ष उदयलाल समदानी के निवास पर लगाई गणपति प्रतिमा को टंकी के बालाजी स्थित कोठारी नदी में विधि-विधान पूर्वक विसर्जन किया गया।
मिट्टी के गणेश का विसर्जन हुआ। कोरोना के चलते शहरवासियों ने घर मे ही गणेश की मूर्ति बनाई और गमले में विसर्जन किया। गणेश की मूर्ति आलोक आर्ट गैलरी के कलाकारों नलिनी शर्मा, अमोल भट्ट, रिद्धिमा, अब्बीर, कार्तिकेय, हर्षवर्धन, रीदम के साथ आर्टिस्ट सौरभ भट्ट के सानिध्य में बनाया गया था। गैलरी डायरेक्टर गोवर्धनलाल भट्ट ने बताया कि मंगलवार को कलाकारों, सम्पूर्ण भट्ट परिवार व आलोक सेकंडरी स्कूल सुभाष नगर सहित गमले में गणेश विसर्जन का कार्यक्रम हुआ।
गणेश का अभिषेक
पुर. उपनगर पुर में जय हो सेवा संस्थान की ओर से हींगड मोहल्ला स्थित ऊ धनधान्य पतये: गणेश मंदिर पर गत 11 दिन से अभिषेक एवं सहस्त्रार्चन किया गया। अनंत चतुर्दशी पर आचार्य राजेन्द्र व्यास के सानिध्य में पं. धर्मेन्द्र तिवारी ने पूजन कर 1351 लड्डूओं का भोग लगाया व आरती की। राजेन्द्र हींगड़, सुनील हींगड़, दिनेश खाब्या, नेहा पानगडिय़ा, पवन पायक, आशीष बुला, सत्यनारायण गग्गड़ मौजूद थे।

Suresh Jain Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned