सड़कों की बढ़ाई लंबाई, गुणवत्ता की अनदेखी

डीएमएफटी फंड : सभी कार्यों का होगा भौतिक सत्यापन, टीमें बनाई

By: Suresh Jain

Updated: 17 Oct 2020, 08:22 PM IST

भीलवाड़ा
प्रदेश में सर्वाधिक आय वाले भीलवाड़ा के डिस्ट्रिट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की ओर से जिले के खनन क्षेत्र में बनाई डामर की सड़कें छह माह में ही उधड़ गई है। करोड़ों रुपए की लागत की सड़कों की लम्बाई बढ़ा दी, लेकिन उसकी क्वालिटी पर ध्यान नहीं दिया। इस कारण सड़कों की मोटाई कम होने से बजरी व अन्य मिनरल से भरे भारी भरकम वाहनों के आगे ये सड़कें नहीं टिक पाई है। इस सम्बन्ध में मांडल विधायक रामलाल जाट ने जिला कलक्टर को पत्र लिखा है।
जाट ने बताया कि डीएमएफटी में काफी फंड है, लेकिन सही उपयोग नहीं हो रहा है। आमजन को पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने जितनी भी सड़कें बनाई, उसकी मोटाई कम है। इसे जी शिड्यूल में बढ़ाना चाहिए। जाट का मानना है कि परिवहन विभाग के अनुसार, ट्रैक्टर ट्रॉली में ४ टन बजरी भरी जांची है, लेकिन वह ७ टन भरकर निकलता है। ९ टन क्षमता का वाहन २० टन बजरी भरी जाती है। ४० टन पास वाहन में ७० टन मिनरल होता है। सड़क निर्धारित मापदंड के आधार पर बनाई गई, जो सड़क वाहनों का वजन सहन नहीं कर पा रही है।
सात दिन में मांगी रिपोर्ट
विधायक के पत्र के बाद जिला कलक्टर ने शिवप्रसाद एम नकाते ने डीएमएफटी में स्वीकृत विकास कार्यों की प्रगति एवं पूर्णता का भौतिक सत्यापन कराने के आदेश दिए। एक दर्जन निरीक्षण टीमें लगाई। उनसे सात दिन में निरीक्षण रिपोर्ट मांगी है। डीएमएफटी से स्वीकृत कार्यों को जिन विभागों ने कराया है, उनके अधिकारियों को दूसरे विभाग के कार्यों के निरीक्षण का जिम्मा दिया है।
रिपोर्ट सही आए, इसकी कवायद
निरीक्षण टीम में जल संसाधन विभाग के सर्किल ऑफिस में एक्सईएन ओमप्रकाश तिवाड़ी, खंड प्रथम एक्सईएन अतर जमील, खंड द्वितीय एक्सईएन सीएल कोली, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अनिल कुमार जैन, मांडलगढ़ एक्सईएन दिनेश मंत्री, शाहपुरा एक्सईएन ओपी मीणा, यूआइटी एक्सईएन रामेश्वरलाल शर्मा,नगर परिषद एक्सईएन अखेराम बड़ोदिया, सूर्यप्रकाश संचेती, जलदाय विभाग के एक्सईएन मनोहरलाल, संतपाल सिंह,पृथ्वीसिंह गुर्जर शामिल हैं। इसमें खास ध्यान यह रखा है कि जिन कार्यों को करवाने के लिए जो विभाग कार्यकारी एजेंसी है, उसके उलट अधिकारी लगाए हैं, ताकि निष्पक्ष रिपोर्ट आ सके।
८०० करोड़ का फंड
उल्लेखनीय है कि डीएमएफटी में जिले में लगभग 800 करोड़ का फंड था, जिसका उपयोग नहीं हुआ। कुछ समय पूर्व राज्य सरकार ने भीडीएमएफटी का 50 प्रतिशत पैसा स्टेट ट्रस्ट में ट्रांसफर करने का नियम बना दिया था। इसके बाद जिले के विकास का आधा पैसा जयपुर भेजने का प्रस्ताव भी गत मीटिंग में पास हो गया था।

Suresh Jain Reporting
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