तेजस्विता के आधार पर बढ़ती अहमियत-आचार्य महाश्रमण

दुनिया में शक्ति व तेजस्विता का महत्व

By: Suresh Jain

Published: 14 Oct 2021, 09:32 AM IST

भीलवाड़ा।
आचार्य महाश्रमण ने कहा कि दुनिया में शक्ति व तेजस्विता का महत्व होता है। व्यक्ति या वस्तु का आकार में छोटा या बड़ा होना महत्वपूर्ण नहीं होता है जितना शक्ति के आधार पर महत्व होता है। हाथी चाहे कितना ही विशाल प्राणी है परन्तु एक छोटा सा अंकुश उसे नियंत्रित कर लेता है। व्यापक होने पर भी दीपक की रोशनी उस सघन अंधकार को नष्ट कर देती है। छोटे बड़ों को भी नियंत्रण में कर लेते हैं। बड़े होने का नहीं तेजस्विता का महत्व है। साधु को महान कहा गया है क्योंकि वे धर्मोपदेश देते है। किसी को साधना के माध्यम से तेजोलब्धि मिलती है।
आचार्य ने कहा कि जिसके पास तेज है, वह लब्धि विशिष्ट है। तेजस्विता किसी के विनाश का कारण न बने, ऐसा प्रयास करना चाहिए। नवरात्र के आध्यात्मिक अनेक साधक मंत्र आदि की साधना भी करते है। यह ध्यान रहे कि यंत्र, तंत्र और मंत्र द्वारा किसी का अहित न हो, व्यक्ति को तंत्रमंत्र विद्या के दुरपयोग से बचना चाहिए। मंत्र जाप आदि आत्मा की शुध्दता के लिए होने चाहिए।

Suresh Jain Reporting
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