बीमा प्रीमियम बढ़ाने से उद्योगों पर पड़ा भार

बीमा कम्पनी ने टेक्सटाइल उद्योगों के प्लांट व मशीनरी की प्रीमियम राशि बढ़ाई
उद्योगों पर कई गुना अतिरिक्त भार

By: Suresh Jain

Published: 03 Jan 2020, 08:46 PM IST

भीलवाड़ा।
Textile industries बीमा कम्पनियों ने टेक्सटाइल उद्योगों के प्लांट व मशीनरी का बीमा कराने पर अब प्रीमियम दर बढ़ा दी है। इससे उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ गया है। आर्थिक संकट में चल रहे उद्योगों के सामने एक और नया संकट खड़ा हो गया है। बीमा कम्पनी भी टेक्सटाइल उद्योग को अलग श्रेणी में ले रखा है। इसके पीछे मुख्य कारण आगजनी को माना गया है। यह स्थिति दो दशक पहले थी। अब उद्योगों ने नई तकनीक आने के बाद आग की घटनाएं कम हो गई। उसके बाद भी बीमा कम्पनियों ने उद्योगों की श्रेणी को नहीं बदला। उधर, मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर के खराब प्रदर्शन के चलते औद्योगिक उत्पादन में गिरावट आई है।

Textile industries केंद्र सरकार की ओर से औद्योगिक कैटेगरी में किए जाने वाले जनरल इंश्योरेंस में कंपनियों की ओर से दिया जाने वाला डिस्काउंट बंद कर प्रीमियम राशि चार गुना बढ़ा दी गई है। इससे उद्योगों पर लाखों रुपए का अतिरिक्त भार पडऩे लगा है। उद्यमियों का मानना है कि पहले ही देश में औद्योगिक उत्पादन में कमी आई है। इस बीच, इंश्योरेंस डिस्काउंट बंद करने व प्रीमियम दर बढ़ाने से टेक्सटाइल इंडस्ट्री को कई समस्याओं से गुजरना पड़ेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए लिखा कि उद्योग को इंश्योरेंस पर एक दिसंबर से पहले एक लाख वैल्यू पर डिस्काउंट मिलाकर 35 रुपए प्रीमियम राशि थी, लेकिन एक दिसंबर से केंद्र सरकार ने इंश्योरेंस कंपनियों की ओर से दिया जाने वाला डिस्काउंट बंद कराने के बाद बढ़ाई प्रीमियम से अब एक लाख की वैल्यू पर प्रीमियम राशि 140 रुपए हो गई। ऐसे में २० करोड़ रुपए की वैल्यू के उद्योग की पहले प्रीमियम राशि 7५ हजार रुपए ही आ रही थी। एक दिसंबर के बाद यह राशि बढ़कर 3 लाख 3४ हजार रुपए हो गई।

प्रीमियम कम करने को लिखा पत्र
बीमा कम्पनियों की ओर से बढ़ाई गई प्रीमियम दर कम करने के लिए बीमा कम्पनी के उच्च अधिकारी व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है।
आरके जैन, महासचिव, मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री

Suresh Jain Reporting
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