आंगनबाड़ी की साड़ी में गड़बड़ी की जांच

Investigation of disturbances in the saree of Anganwadi महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बांटी जा रही साड़ी में गड़बड़ी शिकायत पर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। इस संदर्भ में जिले की सभी बारह परियोजना इकाईयों के बाल विकास परियोजना अधिकारी ( सीडीपीओ) से रिपोर्ट मांगी गई है।

By: Narendra Kumar Verma

Published: 13 Oct 2021, 02:50 PM IST

भीलवाड़ा । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बांटी जा रही साड़ी में गड़बड़ी शिकायत पर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। इस संदर्भ में जिले की सभी बारह परियोजना इकाईयों के बाल विकास परियोजना अधिकारी ( सीडीपीओ) से रिपोर्ट मांगी गई है। इसी प्रकार सहायता समूहों को पोषाहार की बकाया राशि दिए जाने के लिए भी विभाग ने राज्य स्तर पर मशक्कत शुरू कर दी है। Investigation of disturbances in the saree of Anganwadi

राजस्थान पत्रिका ने एक अक्टूबर 2021 को 'वर्दी से आ रही गड़बड़ी की बूं शीषक से समाचार प्रकाशित कर पांच साल बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वर्दी स्वरूप दी जाने वाली दो साड़ी में हो रही अनियममिता का खुलासा किया था। पत्रिका ने उजागर किया था कि पांच साल बाद राज्य सरकार ने कार्यकर्ताओं को तय वर्दी यानि साड़ी की कीमत चुकाना शुरू किया है, इसके बावजूद कई परियोजना केन्द्रों पर साड़ी अधिकारियों की मनमर्जी के मुताबिक ही जा रही है। जबकि कुछ परियोजना क्षेत्र में तो साड़ी का वितरण ही नहीं हो सका।

उधारी की राशि से बनाया था पोषाहार

राजस्थान पत्रिका ने 11 सितम्बर 2021 के अंक में 'उधार से उपकार पर अब पड़ रही मारÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर खुलासा किया था कि समूचे प्रदेश व जिले में महिला सहायता समूहों का राज्य सरकार में पोषाहार बनाने का करोड़ों रुपए बकाया चल रहा है। अकेले भीलवाड़ा जिले में यह बकाया राशि करीब सात करोड़ रुपए है। समूहों की महिलाओं की पीड़ा थी कि उन्होंने सरकार का पोषाहार बनाने के लिए रुपए उधार लिए, पति की पेंशन इसमें लगा दी। समूह का काम नहीं रूके, इसके लिए जेवर तक बेच दिए, लेकिन सरकार ही उनके पैसे रोके बैठी है।

साड़ी व पोषाहर में कर रहे जांच

राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित समाचार के आधार पर जिले की परियोजना विकास अधिकारियों से साड़ी की खरीद की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। वही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भी इस संदर्भ में जानकारी ली जा रही है। विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को जाएगी। इसी प्रकार पोषाहार के बकाया राशि के लिए परियोजना वार रिपोर्ट तैयार की गई है। सहायता समूहों को बकाया भुगतान मिल सके, इसके लिए विभागीय मुख्यालय को विस्तुत रिपार्ट भिजवाई है ओर पोषाहार राशि के भुगतान के लिए बजट भी मांगा है।
- नागेन्द्र तोलम्बिया, उपनिदेशक, बाल विकास परियोजना कार्यालय भीलवाड़ा

Narendra Kumar Verma Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned