जिन्दल का नाइट्रोजन प्लांट को एमजीएच के पार्क में लगाने की कवायद तेज

आधुनिक तकनीक से नाइट्रोजन से ऑक्सीजन गैस बनाई जाएगी।
एमजीएच को मिलेंगे प्रतिदिन 400 सिलेंडर ऑक्सीजन

By: Suresh Jain

Published: 17 May 2021, 08:32 AM IST

भीलवाड़ा।
कोरोना संक्रमित की संख्या बढऩे के साथ ही ऑक्सीजन की कमी सामने आ रही है। इस कमी को दूर करने के लिए जिला प्रशासन की मदद से जिन्दल सॉ लिमिटेड ने नाइट्रोजन से ऑक्सीजन गैस बनाने का प्लांट महात्मा गांधी चिकित्सालय के पार्क में लगाने की कवायद तेज कर दी है। यह प्लांट जिन्दल सॉ के यहां लगा था। इसके माध्यम से प्लेट्स बनाने का काम हो रहा था। वहां फिलहाल प्लांट बन्द करके नाइट्रोजन गैस प्लांट को यहा शिफ्ट किया जा रहा है। इसकी सभी उपकरण आ चुके है। अब उन्हें लगाने का काम इंजीनियरों के माध्यम से किया जा रहा है।
जिंदल सॉ लिमिटेड का यहां 150 क्यूबिक मीटर का नाइट्रोजन गैस का प्लांट है। राज्य सरकार से मिले आदेश के बाद राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जिन्दल को अपना नाइट्रोजन गैस प्लांट अस्पताल में लगाने के निर्देश दिए। इसके तहत यह कार्यवाही की जा रही है।
जिन्दल सॉ के लायजन हेड राजेन्द्र गौड़ ने बताया कि इस प्लांट को लगाने में कम से कम १५ दिन का समय और लगेगा। इसके लिए ५०० केवी का एक नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इसके लिए जिला कलक्टर के माध्यम से विद्युत विभाग को भी निर्देश दिए गए है। इस पर प्रतिमाह दस लाख का बिजली खर्च होगी।
प्लांट के शुरू होने पर रोजाना लगभग ४०० सिलेण्डर के बराबर ऑक्सीजन होगी। इस प्लांट को अस्पताल की सेंट्रल लाइन से जोड़ा जाएगा ताकि मरीजों को आसानी से ऑक्सीजन मिल सके। भीलवाड़ा जिले के अस्पतालों में 1000 से अधिक मरीज भर्ती हैं। इनके लिए प्रतिदिन दो हजार सिलेंडर की आवश्यकता है।

Suresh Jain Reporting
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