कोलोनाइजर पर मेहरबानी पर जांच

kindly check on colonizer at bhilwara uit एक निजी कॉलोनी में नियम विरूद्ध खर्च करने के मामले में जिला कलक्टर ने चार सदस्यीय प्रशासनिक जांच कमेटी गठित की है। कमेटी ने जांच शुरू कर दी है।

By: Narendra Kumar Verma

Published: 13 Sep 2021, 08:09 AM IST


भीलवाड़ा। राजमाता विजयराजे सिंधिया औद्योगिक नगर के निरस्त होने के बावजूद यहां की आवंटित चार करोड़ रुपए की राशि एक निजी कॉलोनी में नियम विरूद्ध खर्च करने के मामले में जिला कलक्टर एवं नगर विकास न्यास प्रशासक शिव प्रसाद नकाते ने चार सदस्यीय प्रशासनिक जांच कमेटी गठित की है। कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। kindly check on colonizer at bhilwara uit


राजस्थान पत्रिका ने ९ अगस्त २०२१ के अंक में 'यूआईटी ने अपने औद्योगिक नगर के चार करोड़ रुपए निजी कॉलोनी पर किए खर्चÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर औद्योगिक नगर के लिए आवंटित राशि का दुरुपयोग होने एवं निजी कॉलोनाइजर की कॉलोनी पर नियम विरूद्ध जा कर चार करोड़ रुपए के निर्माण कार्य कराए जाने का खुलासा किया था। इस पर जिला कलक्टर शिव प्रसाद नकाते ने १० अगस्त २०२१ को नगर विकास न्यास सचिव को मामले की जांच के निर्देश दिए थे। वही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भी समूचे मामले को गंभीरता से लिया और १८ अगस्त २०२१ को औद्योगिक नगर की फाइल तलब की। सीएमओ व नगरीय विकास विभाग ने भी पत्रिका में प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लिया न्यास से रिपोर्ट तलब की है।


चार सदस्यीय समिति गठित
न्यास प्रशासक नकाते ने बताया कि विजयराजे सिंधिया औद्योगिक नगर के लिए आवंटित राशि का नियम विरुद्ध तरीके से एक निजी कॉलोनी में रुपए खर्च करने का मामला राजस्थान पत्रिका के जरिए सामने आया है। तथ्यों की जांच के लिए न्यास सचिव को एक जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए है और जल्द रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

इधर, न्यास सचिव अजय कुमार आर्य ने कलक्टर के आदेश की पालना में चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। इसमें तहसीलदार,उपनगर नियोजक, अधीक्षण अभियंता व लेखाधिकारी को शामिल किया है। कमेटी योजना से जुटे तथ्यों की जांच कर रही है।


पुलिया सवालों के घेरे में
निजी कॉलोनाइजर को लाभ पहुंचाने के लिए निजी योजना क्षेत्र में चार करोड़ रुपए यूआईटी द्वारा खर्च किए जाने के साथ ही केशव होस्पीटल के समीप करोड़ों की लागत से ओवरब्रिज बनाने का आरोप लगाया गया है। इस संदर्भ में सीएमओ व नगरीय विकास विभाग के साथ ही एसीबी को भी शिकायत की गई है। शिकायत है कि सांगानेर रोड पर हाईलेबल ओवरब्रिज जरूरी है, मुख्यमंत्री की बजट घोषणा में यहां हाईलेबल ओवरब्रिज का निर्माण किए जाने की घोषणा हुई, इसके बावजूद यहां की अनदेखी की गई और अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। जबकि केशव होस्पिटल के पास आरोबी की जरूरत नहीं होने एवं आसपास आबादी क्षेत्र व गांव नहीं होने के बावजूद आरोबी का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

Narendra Kumar Verma Reporting
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