जांच में खरे नहीं उतरे किट, 3000 ले चुके काम, असमंजस में 290 'पॉजिटिव

102 में से 32 को जयपुर पहले ही बता चुका नेगेटिव

By: Suresh Jain

Published: 15 Sep 2020, 10:34 PM IST

भीलवाड़ा।
मेडिकल कॉलेज की आरटी-पीसीआर लैब के इस्तेमाल हुए कारवा कंपनी के कोरोना जांच किट जयपुर की लैब में खरे नहीं उतर पाए। जयपुर की लैब ने जांच के बाद इन्हें खराब घोषित कर दिया। इसके चलते एेसे 290 कोरोना 'पॉजिटिवÓ असमंजस में आ गए, जिनकी जांच कारवा किट से हुई थी। मालूम हो, गड़बड़ी वाले किट से तीन हजार सैम्पल जांचे गए। इनमें 392 संक्रमित सामने आए। 102 सैम्पल और किट दुबारा जांच को जयपुर भेजे तो 32 की रिपोर्ट नेगेटिव आई। एेसे में बाकी बचे २९० लोग भी खुद की रिपोर्ट को लेकर ऊहापोह में हैं। चिकित्सा विभाग ने चुप्पी साध रखी है।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ.शलभ शर्मा ने बताया कि कारवा कंपनी से ९६०० मंगाए गए थे। इनमें ३ हजार किट इस्तेमाल कर लिए। अन्य किट कम्पनी को लौटा देंगे। उसके बदले नए किट खरीदेंगे। फिलहाल जयपुर से आए अन्य १० हजार किट से कोरोना जांच कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कॉलेज प्रशासन ने कारवा कम्पनी से १९० रुपए प्रति किट की दर से ९६०० किट मंगवाए थे। इस हिसाब से कुल कीमत १८.२४ लाख रुपए हुई। इनसे ७ से ९ सितम्बर तक जांच में ३९२ संक्रमित मिले। १०२ सैम्पल की जयपुर में जांच की तो ३२ नेगेटिव निकले।
जांच की जरूरत क्यों
कारवा के किट से जांच के बाद संक्रमितों को आंकड़ा लगातार बढ़ा। प्रतिशत ४२ तक पहुंच गया। ९ सितंबर को लैब बंद कर दी। पुराने सैम्पल व कारवा किट दुबारा जांच को जयपुर भेजे तो उनकी रिपोर्ट भी नेगेटिव आई, जिनको भीलवाड़ा में इन किट ने संक्रमित बताया था। जयपुर से नए किट आने के बाद रविवार सुबह लैब पुन: जांच को खोल दी।

Suresh Jain Reporting
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