राजस्थान के इस जिला अस्पताल में काम खून पेशाब की जांच का और चख रहा है भोजन

एमजीएच के प्रशासन ने वरिष्ठ लेब टेक्नीशियन को रसोईघर का प्रभारी लगा रखा है

By: tej narayan

Published: 07 Jun 2018, 12:35 PM IST

भीलवाड़ा।

जिस शख्स की नियुक्ति खून-यूरीन सरीखी जांच के लिए हुई और उसने प्रशिक्षण भी इसी का लिया हो, उसे यदि खाने की गुणवत्ता जांचने में लगा दिया जाए तो इसे क्या कहेंगे? वह भी उस स्थिति में जब उस शख्स की स्टाफ की कमी से जूझ रहे ब्लड बैंक व लैब जैसी अहम जगह ज्यादा जरूरत है।

 

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एेसा ही बिना सोचे समझे ड्यूटी लगाने का केस जिले के सबसे बड़े महात्मा गांधी अस्पताल में सामने आया है। अब इसे प्रशासनिक लापरवाही मानें या कोई खेल, लेकिन खमियाजा अस्पताल मशीनरी भुगत रही है। एमजीएच के प्रशासन ने वरिष्ठ लेब टेक्नीशियन चंद्रकुमार शर्मा को रसोईघर का प्रभारी लगा रखा है।

 

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करीब 70 हजार वेतन का यह कर्मचारी आठ माह से खून के बजाय भोजन की जांच में लगा है। बतौर रसोईघर प्रभारी शर्मा अस्पताल में मरीजों को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता जांच रहा है। हालांकि नियम है कि रसोईघर में लैब टेक्नीशियन को नहीं लगाया जा सकता। सूत्रों की मानें तो रसूखदारों की सिफारिश के चलते ही शर्मा लंबे अर्से से यहां कार्यरत है। अस्पताल प्रशासन जानते हुए भी अनजान बना है।


पहले से ही है स्टाफ
महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती मरीजों को रसोईघर से दूध, खिचड़ी व खाना परोसा जाता है। यह खाना अच्छा है या नहीं, यह काम अस्पताल प्रशासन का है। इसे देखने के लिए अभी दो स्टाफ है। इनमें एक नर्सिंग स्टाफ है तो दूसरे लेब टेक्नीशियन। हालांकि रसोईघर की स्थिति भी इतनी अच्छी नहीं है।

 

उधर, कर्मियों की कमी से जूझ रही लैब
अस्पताल के ब्लड बैंक का विस्तार होने के साथ ही इसमें ब्लड कम्पोंटेन्ट सेपरेशन यूनिट जल्द शुरू होने के संभावना है। एेसे में वरिष्ठ लेब टेक्नीशियन की जरूरत पड़ेगी। अभी लैब में पर्याप्त स्टाफ नहीं है। स्वीपर तक नहीं है, लिहाजा झाड़ू पोछा भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लगवा रहे हैं।


गड़बडि़यां और भी है

जिला अस्पताल में वार्डों में भी स्टाफ की ड्यूटी में भाई-भतीजावाद है। कई एेसे नर्सिंग स्टाफ हैह्य जो बरसों से एक ही वार्ड में इंचार्ज बने हैं। कई वार्ड एेसे हैं जहां पर्याप्त स्टाफ ही नहीं है। एेसे में मरीजों को परेशानी हो रही है। इस बारे में पूर्व में भी सुविधा सुधारने का दावा किया लेकिन कुछ नहीं हुआ।

 

ड्यूटी चार्ट की समीक्षा करेंगे
यह बात सही है कि अभी लेब टेक्नीशियन चंद्रकुमार शर्मा को रसोईघर में लगा रखा है। लेब में यदि स्टाफ की कमी से समस्या है तो पता कराएंगे। अस्पताल के सभी स्टाफ के ड्यूटी चार्ट की समीक्षा करेंगे।
डॉ. एसपी आगीवाल, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी

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