scriptलोकायुक्त ने माना…बजरी खनन के पट्टों में हुआ अरबों का घोटाला, मांगी रिपोर्ट | खान विभाग में हड़कंप: जयपुर, जोधपुर समेत नौ जिलों के खनिज अभियंताओं से मांगा जवाब | Patrika News
भीलवाड़ा

लोकायुक्त ने माना…बजरी खनन के पट्टों में हुआ अरबों का घोटाला, मांगी रिपोर्ट

खान विभाग में हड़कंप: जयपुर, जोधपुर समेत नौ जिलों के खनिज अभियंताओं से मांगा जवाब

भीलवाड़ाJul 06, 2024 / 12:56 pm

Suresh Jain

खान विभाग में हड़कंप: जयपुर, जोधपुर समेत नौ जिलों के खनिज अभियंताओं से मांगा जवाब

खान विभाग में हड़कंप: जयपुर, जोधपुर समेत नौ जिलों के खनिज अभियंताओं से मांगा जवाब

भीलवाड़ा लोकायुक्त प्रताप कृष्ण लोहरा ने नियम विरुद्ध बजरी खनन के पट्टों में अरबों का घोटाला होना माना है। उन्होंने खान निदेशालय से बजरी मामले में रिपोर्ट मांगी। लोकायुक्त के पत्र से खान विभाग में हड़कंप मचा है। लोकायुक्त ने सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी एवं उच्चतम न्यायालय के आदेशों के विपरीत निरस्त एलओआइ धारकों को नियम विरुद्ध बजरी खनन के पट्टे देने में हुए घोटाले की रिपोर्ट मांगी है। अधीक्षण खनिज अभियंता उदयपुर कमलेश्वर बारेगामा ने मामले में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, भरतपुर, कोटा, राजसमन्द, अजमेर, बीकानेर तथा भीलवाड़ा के अधीक्षण अभियंताओं से प्रोफार्मा अनुसार जवाब मांगा है।
बजरी का दोहन

बजरी धारक फर्जी रवन्ना व ट्रांजिट पास से परिवहन कर रहे हैं। बूंदी में पकड़े बजरी के डंपर चालक के पास भी फर्जी टीपी मिली थी। यानी इंडियन बैंक एसोसिएशन से अनुमोदित एमआइसीआर पेपर का कहीं भी उपयोग न होकर दूसरे कागजों पर फर्जी रवन्ना बुक व टीपी छापकर काम में लिया जा रहा है।
इनके मांगे जवाब

लोकायुक्त ने सरकार से कई बिंदुओं के आधार पर रिपोर्ट मांगी है। इनमें एलओआइ धारक का नाम व पता, पट्टे का स्थान, खनन पट्टा क्षेत्र, खनन अधिकार कब व कौनसी तारीख को दिया, पट्टे की मंजूरी की तारीख, पट्टा अवधि कितने दिन के लिए था, जैसे कई बिंदुओं के बारे में पूछा है।
लोकायुक्त ने यह भी पूछा

  • सीईसी (सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी) की सभी शर्तों की पालना लीज होल्डर ने की या नहीं?
  • व्यक्तियों या फर्मों को बजरी लीज राजस्थान अप्रधान खनिज रियायत नियम 2017 के तहत दी गई है?
  • लीजधारकों ने वार्षिक मूल्याकंनकरवाया? यदि हां तो क्या यह रिपोर्ट विभाग को दी है? क्या यह डीएसआर का भाग है?
  • विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि खनिज स्थल पर मोबाइल वे-ब्रिज से तुलाई के बाद बजरी ट्रांजिट डिपो भेजी गई एवं अनलोड से पूर्व फिर तुलाई हुई? यदि हां तो दोनों में कितना अंतर रहा है?
  • विभाग ने सुनिश्चित किया कि केवल जीपीएस एवं आरएफआइडी वाहन ही बजरी परिवहन में शामिल है तथा विभाग ने ऑनलाइन पोर्टल पर पर्यवेक्षण किया है?
  • ई-रवन्ना के माध्यम से बजरी परिवहन किया या अन्य भौतिक रवन्ना जारी किया गया है?
  • बजरी धारकों ने ई-रवन्ना व ट्रांजिट पास इंडियन बैंक एसोसिएशन से अनुमोदित एमआइसीआर पेपर पर ही छापा है?
निदेशालय से पत्र मिला है। उस आधार पर रिपोर्ट बना रहे हैं। अभी बजरी के मामले में सीबीआइ भी जांच करने से अधिकारी उनके साथ लगे हैं।
ओपी काबरा, अधीक्षण खनिज अभियंता, भीलवाड़ा

Hindi News/ Bhilwara / लोकायुक्त ने माना…बजरी खनन के पट्टों में हुआ अरबों का घोटाला, मांगी रिपोर्ट

ट्रेंडिंग वीडियो