लाखों रुपयों की मिठाई और मावा खराब

- कोरोना वायरस का साइड इफेक्ट, कचौरी-समोसों का कारोबार ठप
- छोटे कारोबारियों को झेलना पड़ा बड़ा नुकसान

By: Suresh Jain

Published: 10 Apr 2020, 09:29 AM IST

भीलवाड़ा .

लॉकडाउन ने भीलवाड़ा में मिठाई और कचौरी-समोसे का बाजार प्रभावित कर दिया। शहर में 2 से ३ लाख रुपए की मिठाई रोज बिक रही थी। इसी प्रकार कचौरी-समोसों की बिक्री की संख्या दस से ग्यारह हजार बताई। लॉकडाउन के बाद से ही सारा बाजार खौफ के साए में सुस्त हो गया। मिठाइयों के भंडारों में रखा मावा अब खराब हो गया। मजदूरों के नहीं आने से इस कच्चे माल को व्यवस्थित नहीं किया जा सका। ऐसे में कई व्यापारियों को लाखों का नुकसान हो गया। अब दुकानदारों में इसी बात की टीस है कि सोशल डिस्टेंस से कोरोना वायरस से तो जीत जाएंगे, लेेकिन इस नुकसान की भरपाई करना इस समय में मुश्किल रहेगा।
जीवन से बढकऱ कुछ नहीं
मिठाई और कचौरी-समोसे की दुकान संचालकों ने बताया कि अचानक आई इस विपदा से लाखों रुपयों का नुकसान हो गया। दुकानों में रखा कच्चा माल खराब हो गया, लेकिन यदि सभी सुरक्षित रहे तो जीवन में इस नुकसान की भरपाई हो जाएगी। ऐसे में सबसे पहले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकताओं में रखना होगा। हालांकि ठेला लगाकर कचौरी-समोसे बेचने वालों को समस्या इस लॉकडाउन में अधिक हो गई।
दुकानों व गोदामों में रखा हुआ माल खराब
कुछ दुकानों पर बनी हुई रखी मिठाइयां खराब हो गई। दुकानों को खोलकर इस सामग्री को संभाला तक नहीं जा सका। कुछ जगहों पर मावा खराब होने पर उसे फेंक दिया गया। लॉकडाउन के 14 अप्रेल तक रहने से कई दुकानदारों ने मावा भंडारों को बंद कर दिया। मिष्ठान भंडार संचालक जगदीश कुमार ने बताया कि दुकान में मावे, ड्राई फ्रूट, बंगाली मिठाई, बेसन से तैयार मिठाइयां पड़ी वह सभी खराब हो गई है। पहले सोचा था कि 1 दिन का जनता कफ्र्यू रहेगा, लेकिन यह लॉकडाउन में तब्दील हो गया। बाद में इसकी अवधि भी बढ़ गई। इससे लाखों रुपयों की मिठाइयां खराब हो गई।
एक मिठाई विक्रेता ने बताया कि शहर में सौ से अधिक मिठाई के दुकाने है। इसमें से प्रमुख दुकानों पर ही लाखों का माल खराब हो गया है। इसके अलावा कचौरी व समोसे वाले की कई बड़ी-बड़ी दुकाने है। हालांकि उनका कच्चा माल ज्यादा खराब नहीं हुआ, लेकिन व्यापार पूरी तरह से ठप हो गया है। एक मावा विक्रेता ने बताया कि शहर व आस-पास के गांवों से तैयार होने वाला मावा बन्द हो गया। लेकिन एक दिन का मावा दुकानों में ही पड़ा रह गया वह पूरी तरह से खराब हो गया है। दुकानों पर पड़ी मावा और मिठाइयां अब खाने लायक नहीं रहेगी। ऐसे में कोई दुकानदार इसे नहीं बांटे। लोगों के स्वास्थ्य से कोई खिलवाड़ नहीं करें। यदि जीवन बना रहा तो नुकसान की भरपाई कहीं भी हो जाएगी। सभी लॉकडाउन की पूरी पालना करें।

Suresh Jain Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned