सौ से अधिक परिवारों को नहीं मिल रहा दोनों समय का भोजन

पंचवटी कॉलोनी स्थित नहर के पास रह रहे कालबेलिया व बंजारा परिवार

By: Suresh Jain

Published: 09 Apr 2020, 05:02 AM IST

भीलवाड़ा.

कोरोना वायरस के चलते पंचवटी कॉलोनी स्थित नहर के के पास डेरा डाले सौ परिवार के लोगों को लॉकडाउन के चलते दोनो समय का भोजन तक नसीब नहीं हो रहा है। इनमें दुध पीते बच्चों से लेकर ७० साल तक के बुजुर्ग तक शामिल है। कालबेलिया व बंजारा परिवार के लोग रोजना कमाकर खाने वाले है। इनके पास सामाजिक संगठन के लोग तक नहीं पहुंच पा रहे है। वही के एक कार्यकर्ता को इसकी सूचना मिली तो उसने जैसे तैसे करके एक बार का भोजन का प्रबन्ध तो किया लेकिन बुधवार दोपहर तक पुन: भोजन के पैकेट नहीं पहुंचे।
पत्रिका टीम जैसे ही वहा पहुंची तो महिलाए व बच्चे दौड़कर मोटरसाइकिल के पास आकर एक कतार में खड़े हो गए। उनसे पूछा क्यो हुआ तो बच्चे चिल्लाने लगे बाबूजी पेट में चूहे कूद रहे है। भोजन के पैकेट लाए हो तो दे जाओं। यह नजरा देख एक बार लगा की हम अपने साथ भोजन के पैकेट क्यों नहीं लाए। वही से हमने एक कार्यकर्ता गोपाललाल तेली को फोन करके बुलाया तो उसने बताया कि मंगलवार को तो भोजन के पैकेट मंगवा दिए थे। लेकिन आज अभी तक नहीं आए है।
नहर के पास रहने वाले गिरधारी लाल का कहना है कि मंगलवार को कुछ पैकेट भोजन के आए थो वह भी पूरे नहीं थे। फिर भी एक-दो पूड़ी खाकर रात निकाल ली थी। लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई नहीं आया। मेहनत मजदूरी करके ही परिवार को पेट पाल रहे है। लेकिन कोरोना के कारण मेहनत मजदूरी तक बन्द हो जाने से खाने के ही लाले पड़ रहे है। रिक्शा चलाकर दिन भर मजदूरी करते थे। कन्हैयालाल ने बताया कि एक पैकेट में चार-पाच पूड़ी थी। लेकिन पैकेट कम होने से झुग्गी झोपडियों में रहने वाले लोगों के हिस्से में नहीं आए। एक परिवार में ५ से ७ सदस्य है। पहले परिवार के लोग दूसरी जगह रहते थे, लेकिन वहा से नगर विकास न्यास ने हटा दिया था। अब पंचवटी नहर के पास आकर रहने लगे है। पड़ौसी गोपाल लाल तेली ने बताया कि आस-पास के लोगों ने मिलकर भोजन की व्यवस्था की थी। कालबेलिया परिवार में ५ से ७ बच्चो व बढ़े भी है। ऐसे में इनका काम नहीं चल रहा है। कुछ दिन पहले कुछ लोग आए थे। वे एक पैकेट कच्चा सामान का देकर गए थे वह समान भी दो दिन में समाप्त हो गया। पत्रिका टीम ने इस क्षेत्र के पार्षद शंकर जाट को सूचना दी तो वह अपने कुछ साथियों के साथ दोपहर बाद मौके पर पहुंचा और लोगों को भोजन के पैकट उपलब्ध कराए। जाट ने बताया कि करीब १२० भोजन के पैकेट लोगों को उपलब्ध कराए। इस दौरान उनके साथ रामलाल जाट, मुकेश शर्मा, छोटूलाल शर्मा, सत्येन्द्र पारीक, कैलाश शर्मा थे। जाट ने बताया कि कच्चा सामान के लिए नगर विकास न्यास के अधिकारियों को भी सूचना दी लेकिन वे सामान नहीं पहुंचा पा रहे है।
गिरधारीलाल का कहना है कि भोजन के पैकेट देने से अच्छा है कि आटा, दाल व तेल उपलब्ध करा दे तो वह स्वयं अपने हाथों से बनाकर बच्चों को खिला सकते है। एक पैकेट भोजन से पांच सदस्यों का पेट भी नहीं भरता है।

Suresh Jain Reporting
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