
Not giving positive report, waiting for negative in bhilwara
भीलवाड़ा।
जिले में रोजाना 100 से अधिक कोरोना रोगी मिल रहे हैं। चिकित्सा विभाग जहां कोरोना पॉजिटिव को रिपोर्ट देने से मना कर रहा है, वहीं 24 घंटे में नेगेटिव रिपोर्ट देने की घोषणा भी कागजी साबित हो रही है। नेगेटिव रिपोर्ट के लिए भी चक्कर कटाए जा रहे हैं या लोगों को लम्बी कतार में लगना पड़ रहा है। इससे उन्हें कोरोना संक्रमण का खतरा बना रहता है।
असल में कोरोना से ठीक होने या १४ दिन बाद कोई अपनी पॉजिटिव रिपोर्ट लेने चिकित्सा विभाग जाता है तो उसे रिपोर्ट नहीं दी जा रही है। ऐसे में उसे शंका होती है कि वह संक्रमित था या नहीं। कई लोगों को इस रिपोर्ट के आधार पर क्लेम करना होता है, जो क्लेम नहीं कर पा रहे है। साथ नेगेटिव रिपोर्ट भी २४ घंटे में देने की घोषणा अमल में नहीं लाई जा सकी। मोबाइल पर रिपोर्ट की सूचना देने का काम गति नहीं पकड़ पा रहा। ऐसे में लोग खासे परेशान हो रहे हैं। नेगेटिव रिपोर्ट के लिए महात्मा गांधी अस्पताल परिसर में लम्बी कतार लगती है। लोगों को घंटों खड़े रहना पड़ता है।
तीन दिन में नहीं मिल रही रिपोर्ट
कोरोना सैम्पल रिपोर्ट २ से ३ दिन में भी नहीं मिल रही है। ऐसे में सैम्पल दिए व्यक्ति के पॉजिटिव होने पर एक सप्ताह में दर्जनों लोगों तक संक्रमण फैलने का अंदेशा रहता है। नियम यह है कि सैम्पल दिए व्यक्ति को क्वारंटीन किया जाए, लेकिन सरकार की क्वारंटीन व्यवस्था लंबे समय से बंद है। वे होम क्वारंटीन की व्यवस्था पर भी निगरानी नहीं हो रही। जानकारों का मानना है कि रिपोर्ट दूसरे दिन मिल जानी चाहिए। समय गुजरने पर सैम्पल देने वाला शख्स तनावग्रस्त हो सकता है।
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मेडिकल कॉलेज से किसी को भी पॉजिटिव रिपोर्ट अभी नहीं दे रहे हैं। फिर भी किसी को आवश्कता होती है तो अलग प्रारूप में बनाकर सीएमएचओ से जारी किया जा रहा है। नेगेटिव के लिए अलग से व्यवस्था है।
डॉ. मुस्ताक खान, सीएमएचओ
Published on:
25 Sept 2020 05:01 am
