अब कम्प्यूटर से बिजली का हिसाब

now calculate electricity from computer at bhilwara भीलवाड़ा की विद्युत व्यवस्था हाईटेक होगी। इसके लिए यहां स्काडा (सुपरवाइजी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजीसन सिस्टम) लागू किया जाएगा। अजमेर डिस्कॉम इसके लिए शहरी क्षेत्र का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। योजना प्रभावी होने के बाद इसका दायरा समूचा जिला होगा।

By: Narendra Kumar Verma

Published: 13 Sep 2021, 08:24 AM IST


भीलवाड़ा। भीलवाड़ा की विद्युत व्यवस्था हाईटेक होगी। इसके लिए यहां स्काडा (सुपरवाइजी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजीसन सिस्टम) लागू किया जाएगा। अजमेर डिस्कॉम इसके लिए शहरी क्षेत्र का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। योजना प्रभावी होने के बाद इसका दायरा समूचा जिला होगा। now calculate electricity from computer at bhilwara

अजमेर डिस्कॉम ने भीलवाड़ा शहर को जनसंख्या 2.75 लाख से अधिक होने से स्काडा मय डिस्ट्रिब्यूशन मेंनेजमेंट सिस्टम के लिए प्रोजेक्ट के तहत चुना है। स्काडा के जरिए ऑनलाइन काम होने से वर्तमान में जीएसएस पर जो कार्य कर्मचारियों के जरिए होता था वह काम अब कंप्यूटर से ऑनलाइन हो सकेगा। जिससे एक तरफ जहां करोड़ों रुपए की बचत तो होगी वहीं दूसरी तरफ दुर्घटनाओं में कमी आएगी। फ ीडर का जो डाटा वर्तमान में मीटर तथा अन्य उपकरणों से व्यक्तिगत रूप से लेना पड़ता है, वह डाटा अब सीधे कंप्यूटर से ही देखा जा सकेगा। लोड पोजीशन, पावर ट्रांसफ ार्मर की जानकारियां तथा शटडाउन लेने का कार्य भी ऑनलाइन होगा।

बुनियादी ढांचे की कार्य योजना शामिल
कार्ययोजना के तहत 100 फ ीसदी मीटरिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें फ ीडर और डीटी मीटरिंग जून 2023 तक, कृषि डीटी मीटरिंग मार्च 2025 तक, प्रीपेड उपभोक्ता मीटरिंग मार्च 2025 तक एवं अन्य बुनियादी ढांचे के कार्यों के लिए योजनाएं शामिल हैं। छीजत में कमी पर लक्षित कार्य, वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए लक्षित कार्य, छीजत में कमी पर केंद्रित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

स्काडा कर रहा काम
योजना में देश 100 बड़े शहरों को शामिल किया गया है। इनमें भीलवाड़ा के साथ ही तथा प्रदेश के कई अन्य शहर भी शामिल है जहां स्काडा सहित डिस्ट्रिब्यूशन मेंनेजमेंट सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। केन्द्र सरकार की आरएपीडीआरपी योजनांतर्गत स्काडा मय डिस्ट्रिब्यूशन मेंनेजमेंट सिस्टम के अभी प्रदेश में जयपुर, कोटा, जोधपुर, बीकानेर और अजमेर में लागू है। इन शहरों के 33.11 केवी विद्युत उपकेंद्रो को स्वचालित प्रणाली से जोड़ा जा चुका है। केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा विद्युत वितरण क्षेत्र के सुधार कार्यक्रम की रूपरेखा जारी की गई है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता और विश्वसनीय की बिजली आपूर्ति करना।

छह लाख 39 हजार 802 उपभोक्ता
भीलवाड़ा जिले में घरेलू श्रेणी के 501011 , अघरेलू श्रेणी के 52330, सार्वजनिक पथ प्रकाश के 1346, कृषि श्रेणी के 68102, औद्योगिक श्रेणी के 12798, पीएचईडी के 2116, मिक्स भार के 1099 यानि कुल 639802 उपभोक्ता है। इसी प्रकार जिले की कुल बिजली खपत प्रतिदिन 100-110 एलयू है तथा महत्तम उपयोगिता लोड 510 मेगावाट है। जिले में सोल पावर की उपलब्धता ८५ मेगावाट है।

प्रति माह ११४ लाख यूनिट उपभोग
जिले में प्रतिमाह करीब ११४ लाख यूनिट का उपभोग हो रहा है। जिले में ४०० केवीए का एक जीएसएस है, जबकि २२० के चार, १३२ केवी के १९, ३३ केवी के २०५ है। जिले में ३३ केवी लाइन की कुल दूरी १८०७.४४ किलोमीटर है। इसी प्रकार ११ केवी की १६९५७.१७ किमी व एलटीलाइन १५७६२ किमी है। जिले में निगम में कुल १२०५ कर्मचारी कार्यरत है, जो कि करीब ४८७ उपभोक्ता पर एक कर्मचारी के अनुपात में है। जिले में अगस्त माह में विद्युत छीजत ८.१३ फीसदी रहा।

एवीएनएल कर रहा काम
शहर की विद्युत व्यवस्था का रखरखाव अब पूरी तरह से ऑनलाइन होगा। अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड स्काडा स्कीम के तहत यह बदलाव कर रहा है। जिले में इस पर कार्य हो रहा है और डाटा बैंक तैयार किया जा रहा है। नई व्यवस्था से वितरण प्रणाली को और मजबूती मिलेगी। now calculate electricity from computer at bhilwara

एसके उपाध्याय, अधीक्षण अभियंता, भीलवाड़ा वृत्त

Narendra Kumar Verma Reporting
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