अब गांवों के हर घर से कचरा निस्तारण के लिए बनेगी डीपीआर

स्वच्छ भारत मिशन पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले की हर पंचायत से 35 गांव का चयन होगा
490 की डीपीआर बनाने का लक्ष्य, 290 की तैयार, मंजूरी मिलते ही होंगे लाखों के काम

By: Suresh Jain

Published: 05 Feb 2021, 08:56 PM IST

भीलवाड़ा।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निकाय में चलने वाले साफ -सफाई के नियमित कार्यक्रम अब गांव में भी अभियान की तरह शुरू होगा। ठोस, गीले कचरे का आधुनिक तकनीक से निस्तारण होने से गांव साफ, सुथरा होगा और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार होगा। जिले की 14 पंचायत समितियों में प्रत्येक के ३५-३५ गावों को प्रथम चरण में चयन किया जाएगा।490 गांवों की डीपीआर बनाने का लक्ष्य के मुकाबले 290 की डीपीआर भी तैयार हो गई है। जिले के सभी ब्लॉकों में 35-35 गांवों को पायलट प्रोजेक्ट में लिया गया है। इनकी डीपीआर बनाकर अनुमोदन होने पर मिशन के तहत ओडीएफ प्लस अभियान शुरू किया जाएगा। इन गांवों का ग्रामवार के साथ घर-घर का सर्वे कर मानचित्र सहित विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन डीपीआई तैयार किया जा रहा है।
डीपीआर में यह किया तैयार तकमीना
गांव का ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन की गतिविधियों का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। इसमें ग्राम पंचायत में ठोस एवं तरल कचरा की मात्रा व प्रकार का आंकलन को शामिल किया गया है। इसके तहत गांव में किन-किन स्थानों पर सोक पिट, मैजिक पिट, लीज पिट, सोक वे चेनल, नालियों की सफाई, मरम्मत व निर्माण किया जाना है का विवरण अंकित किया गया है। डीपीआर में किस प्रकार ठोस कचरे के निस्तारण करने के लिए किन किन स्थानों पर और किस क्षमता का कंपोस्टिंग पिट व इकाइयां एवं रिसोर्स रिकवरी सेंटर तैयार की जानी है का विवरण भी शामिल किया जा रहा है। इन कार्यों को दर्शाने के लिए ग्राम स्वच्छता मानचित्र भी बनाया है जो डीपीआर का अंग रहेगा।
सूखे एवं गीले कचरे का अलग-अलग निस्तारण
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सूखा गीला कचरा प्रबंधन के लिए ब्लॉक स्तर के गांव का चयन किया गया है। गांव को स्वच्छ भारत के रूप में विकसित करने के लिए ठोस कचरा प्रबंधन के तहत अलग-अलग प्रकार के कार्य किए जाएंगे।
ठोस कचरा प्रबंधन से सम्बंधित कार्य में श्रमिक लगाकर, गाड़ी से कचरा उठाव एवं डंपिंग यार्ड तक पहुंचाना है वही तरल कचरा प्रबंधन से सम्बंधित कार्य मे नाली निर्माण, सोख्ता गड्ढा आदि का निर्माण होंगे।
औसत डीपीआर20 लाख तक
जिले में बनाई जा रही ठोस व गीले कचरे के निस्तारण की डीपीआर में सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर औसत 20 लाख तक की बनाई जा रही है। इसके लिए मनेरगा के अलावा सांसद, विधायक, समेत अन्य मदों से राशि व्यय की जाएगी। कचरे से हर पंचायत को आमदनी हो इसके लिए भी काम किया जाएगा।
रामचन्द्र बैरवा, सीईओ, जिला परिषद भीलवाड़ा

Suresh Jain Reporting
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