सहाड़ा में अब 2 मई का इंतजार

कोरोना संक्रमण की छाया सहाड़ा विधान सभा के उपचुनाव में नजर आई। वर्ष 2018 के विधान सभा चुनाव के मुकाबले इस बार सत्रह फीसदी मतदान कम हुआ। राजनीतिक गलियारे की नजर अब दो मई को होन वाली मतगणना पर टिक गई है। यहां भाजपा व कांग्रेस समेत कुल आठ प्रत्याशी चुनाव मैदान में है।

By: Narendra Kumar Verma

Updated: 19 Apr 2021, 11:27 AM IST


भीलवाड़ा। कोरोना संक्रमण की छाया सहाड़ा विधान सभा के उपचुनाव में नजर आई। वर्ष 2018 के विधान सभा चुनाव के मुकाबले इस बार सत्रह फीसदी मतदान कम हुआ। राजनीतिक गलियारे की नजर अब दो मई को होन वाली मतगणना पर टिक गई है। यहां भाजपा व कांग्रेस समेत कुल आठ प्रत्याशी चुनाव मैदान में है।


सुबह सात बजे से शाम छह बजे निर्धारित समय समाप्त होने तक यहां कुल 56.56 फीसदी मतदान हुआ। दिसम्बर 2018 में हुए चुनाव में यहां73.55 फीसदी मत पड़े थे। पिछले १५ साल में हुए चुनाव में यह मतदान का सबसे कम प्रतिशत है। सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र को उप चुनाव के कारण शनिवार को वीकेण्ड कफ्र्यू से मुक्त कर रखा था। कम मतदान के पीछे कोरोना संक्रमण, गर्मी और मतदाताओं में कम रूचि माना जा रहा है। चुनाव के दौरान शनिवार को दिनभर अधिकांश मतदान केन्द्र सूने से रहे। किसी भी जगह लम्बी कतारें नजर नहीं आई। बूथों पर जहां सोशल डिस्टेसिंग की पालना की गई, वहीं बिना मास्क किसी को मतदान नहीं करने दिया गया। ईवीएम दबाने से पहले मतदाता को दाहिने हाथ में पहने के लिए प्लास्टिक के दस्ताने भी दिए गए।

रतनलाल जाट नहीं कर सके मतदान
कोरोना संक्रमण के कारण जयपुर में अस्पताल में भर्ती भाजपा प्रत्याशी रतनलाल जाट शनिवार को यहां मतदान नहीं कर सके। कांग्रेस प्रत्याशी गायत्री देवी त्रिवेदी ने सुबह ७.३० बजे रायपुर स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में मतदान किया। रालोपा प्रत्याशी बद्रीलाल जाट ने गंगापुर के तिरोरी स्थित मतदान केन्द्र पर सुबह दस बजे मताधिकार किया। जिला निर्वाचन अधिकारी शिव प्रसाद नकाते व केन्द्रीय पर्यवेक्षक अमित घोष ने मतदान के दौरान संवेदनशील, अतिसंवेदनशील एवं आदर्श मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया। जिला कलक्टर ने मतदान करने आए कई मतदाताओं को पौधे भी भेंट किए।

कतारें गायब, पसरा रहा सन्नाटा

सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र में सुबह सात बजे ३८७ मतदान केन्द्रों पर मतदान शुरू हुआ। यहां कुल २ लाख ४७ हजार २३० मतदाता थे। सहाड़ा, रायपुर, गंगापुर, हमीरगढ़ तहसील क्षेत्र में मतदान की गति शुरू से ही धीमी रही। शुरूआती दो घंटे में महज १४ फीसदी मतदान हुआ। इसके बाद भी मतदान तेज गति नहीं पकड़ा सका। कुछ मतदान केन्द्रों पर दोपहर बारह बजे से लेकर तीन बजे तक महज दस फीसदी ही वोट डाले गए। मतदान केन्द्रों पर लम्बी कतारों के बजाए गिनती के ही मतदाता अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। अक्सर चुनावों में गांवों की चौपालों पर नजर आने वाली भीड़ भी कहीं नहीं दिखी। गांवों में महिलाएं का समूह भी वोट देने के लिए जाता नजर नहीं आया। कुछ गांवों में मतदाताओं को वैन व ट्रैक्टरों के जरिए मतदान केन्द्र तक ले जाते हुए देखा गया।
नहीं दिख सके चेहरे

मतदान केन्द्रों पर कोरोना गाइड लाइन की सख्ती से पालना की गई। बिना मास्क के किसी को भी अंदर नहीं आने दिया गया। इस बार मतदान का कम्पाम्र्ट काफी ऊंचा बनाया गया, इस कारण ईवीएम में मतदान के समय मतदाता का चेहरा बाहर नजर नहीं आ सका। मतदान के दौरान इस बार मोबाइल अंदर ले जाने पर भी कड़ी पाबंदी थी। कइयों ने अंदर ले जाने की कोशिश की तो उन्हेंं रोक भी लिया गया। इस बार को लेकर कुछ जगह युवाओं की पुलिसकर्मियों से तकरार भी हुई। जिला निर्वाचन विभाग ने मतदान केन्द्रों पर मॉस्क, सेनेटाइजर व दास्ताने की पर्याप्त व्यवस्था कर रखी थी। दिव्यांग एवं बुर्जुगों के लिए व्हीलचेयर भी रखे थे। कई जगह स्कूली छात्राओं ने कई मतदान केन्द्रों के बाहर मतदाताओं को हाथ सेनेटाइज कराने और मास्क देने की कार्य किया।


जिला प्रमुख ने पीपीई किट में दिया वोट
जिला प्रमुख बरजी देवी व उनके पति लेहरूलाल ने कोरोना संदिग्ध रोगी होने से मतदान के लिए निर्वाचन विभाग से पीपीई किट मांगा। साढ़े पांच बजे पीपीई किट मिलने के बाद दोनों ने रायपुर उपखंड के खानिया स्थित मतदान केन्द्र पर मताधिकार का उपयोग किया।
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Narendra Kumar Verma Reporting
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