दाता पायरा आश्रम के बाहर बरगद हटाने पहुंचे अधिकारी बैरंग लौटे, ग्रामीणों के विरोध की आशंकाओं के चलते प्रशासन बैकफुट पर

अजमेर-भीलवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रायला कस्बे के पास दाता पायरा आश्रम के बाहर बरगद के पेड़ को हटाने के लिए जाब्ते के साथ पहुंचे अधिकारियों को बुधवार को ग्रामीणों के विरोध की आशंका के चलते बैरंग लौटना पड़ा

भीलवाड़ा।

अजमेर-भीलवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रायला कस्बे के पास दाता पायरा आश्रम के बाहर बरगद के पेड़ को हटाने के लिए जाब्ते के साथ पहुंचे अधिकारियों को बुधवार को ग्रामीणों के विरोध की आशंका के चलते बैरंग लौटना पड़ा। दरअसल, राजमार्ग-७९ को छह लेन किया जा रहा है। मार्ग में आए बरगद के पेड़ हटाने की कार्रवाई की जानी थी।

प्रशासनिक व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) अधिकारी बुधवार सुबह जाब्ते के साथ पेड़ को हटाने पहुंचे। वहां विभिन्न हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में आस-पास गांवों के ग्रामीण एकत्र थे। मौके पर मौजूद संत खड़ेश्वरी ने कार्रवाई को देखते रहने का इशारा किया। इस पर ग्रामीण मूकदर्शक बने रहे। उपखंड प्रशासन ने विरोध की आशंका के चलते पूर्व में छह लोगों को नोटिस भी भेजे थे। इन नोटिस को ग्रामीणों ने अस्वीकार कर दिया था। मौके पर विरोध की आशंका को देखते हुए शाहपुरा की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुकृति उच्चैनिया, गुलाबपुरा पुलिस उप अधीक्षक अजयसिंह शेखावत, मांडल उप अधीक्षक सुरेंन्द्र कुमार, बनेड़ा के कार्यवाहक एसडीएम महावीर नायक एवं तहसीलदार शंभूदयाल, रायला थानाप्रभारी गजराज चौधरी, मांडलथाना प्रभारी राजेंद्र गोदारा, भीलवाड़ा पुलिस लाइन जाब्ता व एनएचएआइ प्रोजेक्ट मैनेजर देवेंद्र बंंसल व अन्य अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा।

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अधिकारियों ने भक्ति स्थल को यथावत रखने के साथ ही सर्किल बनाने का आश्वासन दिया था।
-मनोहर सुथार, श्रद्धालु

इस जगह संत खड़ेश्वरी ने 12 वर्ष तक खड़े रहकर तपस्या की थी। यह बरगद का पेड़ श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इसे हटाने के लिए प्रशासन बिना नोटिस दिए कार्रवाई के लिए पहुंच गया।
- जमनालाल जाट, श्रद्धालु

एनएचएआइ धार्मिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहा है। हम शांति से मांग कर रहे है कि पेड़ को नहीं हटाया जाए। फिर भी हटाया जाता है, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

- उदयलाल भडाणा, प्रदेशाध्यक्ष, गुर्जर-गाडरी एकता मंच

ग्रामीणों से कभी यह वादा नहीं किया था कि बरगद के पेड़ को नहीं हटाया जाएगा। पहले ही मन्दिर महंत को इसकी जानकारी और नोटिस दे दिया था।

देवेंद्र बंसल, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई, छह लेन

भीलवाड़ा. अजमेर-भीलवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रायला कस्बे के पास दाता पायरा आश्रम के बाहर बरगद के पेड़ को हटाने के लिए जाब्ते के साथ पहुंचे अधिकारियों को बुधवार को ग्रामीणों के विरोध की आशंका के चलते बैरंग लौटना पड़ा। दरअसल, राजमार्ग-७९ को छह लेन किया जा रहा है। मार्ग में आए बरगद के पेड़ हटाने की कार्रवाई की जानी थी।

प्रशासनिक व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) अधिकारी बुधवार सुबह जाब्ते के साथ पेड़ को हटाने पहुंचे। वहां विभिन्न हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में आस-पास गांवों के ग्रामीण एकत्र थे। मौके पर मौजूद संत खड़ेश्वरी ने कार्रवाई को देखते रहने का इशारा किया। इस पर ग्रामीण मूकदर्शक बने रहे। उपखंड प्रशासन ने विरोध की आशंका के चलते पूर्व में छह लोगों को नोटिस भी भेजे थे। इन नोटिस को ग्रामीणों ने अस्वीकार कर दिया था। मौके पर विरोध की आशंका को देखते हुए शाहपुरा की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुकृति उच्चैनिया, गुलाबपुरा पुलिस उप अधीक्षक अजयसिंह शेखावत, मांडल उप अधीक्षक सुरेंन्द्र कुमार, बनेड़ा के कार्यवाहक एसडीएम महावीर नायक एवं तहसीलदार शंभूदयाल, रायला थानाप्रभारी गजराज चौधरी, मांडलथाना प्रभारी राजेंद्र गोदारा, भीलवाड़ा पुलिस लाइन जाब्ता व एनएचएआइ प्रोजेक्ट मैनेजर देवेंद्र बंंसल व अन्य अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा।

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अधिकारियों ने भक्ति स्थल को यथावत रखने के साथ ही सर्किल बनाने का आश्वासन दिया था।
-मनोहर सुथार, श्रद्धालु

इस जगह संत खड़ेश्वरी ने 12 वर्ष तक खड़े रहकर तपस्या की थी। यह बरगद का पेड़ श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इसे हटाने के लिए प्रशासन बिना नोटिस दिए कार्रवाई के लिए पहुंच गया।
- जमनालाल जाट, श्रद्धालु

एनएचएआइ धार्मिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहा है। हम शांति से मांग कर रहे है कि पेड़ को नहीं हटाया जाए। फिर भी हटाया जाता है, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

- उदयलाल भडाणा, प्रदेशाध्यक्ष, गुर्जर-गाडरी एकता मंच

ग्रामीणों से कभी यह वादा नहीं किया था कि बरगद के पेड़ को नहीं हटाया जाएगा। पहले ही मन्दिर महंत को इसकी जानकारी और नोटिस दे दिया था।

देवेंद्र बंसल, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई, छह लेन

अजमेर-भीलवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रायला कस्बे के पास दाता पायरा आश्रम के बाहर बरगद के पेड़ को हटाने के लिए जाब्ते के साथ पहुंचे अधिकारियों को बुधवार को ग्रामीणों के विरोध की आशंका के चलते बैरंग लौटना पड़ा। दरअसल, राजमार्ग-७९ को छह लेन किया जा रहा है। मार्ग में आए बरगद के पेड़ हटाने की कार्रवाई की जानी थी।

प्रशासनिक व राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) अधिकारी बुधवार सुबह जाब्ते के साथ पेड़ को हटाने पहुंचे। वहां विभिन्न हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में आस-पास गांवों के ग्रामीण एकत्र थे। मौके पर मौजूद संत खड़ेश्वरी ने कार्रवाई को देखते रहने का इशारा किया। इस पर ग्रामीण मूकदर्शक बने रहे। उपखंड प्रशासन ने विरोध की आशंका के चलते पूर्व में छह लोगों को नोटिस भी भेजे थे। इन नोटिस को ग्रामीणों ने अस्वीकार कर दिया था। मौके पर विरोध की आशंका को देखते हुए शाहपुरा की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुकृति उच्चैनिया, गुलाबपुरा पुलिस उप अधीक्षक अजयसिंह शेखावत, मांडल उप अधीक्षक सुरेंन्द्र कुमार, बनेड़ा के कार्यवाहक एसडीएम महावीर नायक एवं तहसीलदार शंभूदयाल, रायला थानाप्रभारी गजराज चौधरी, मांडलथाना प्रभारी राजेंद्र गोदारा, भीलवाड़ा पुलिस लाइन जाब्ता व एनएचएआइ प्रोजेक्ट मैनेजर देवेंद्र बंंसल व अन्य अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा।

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अधिकारियों ने भक्ति स्थल को यथावत रखने के साथ ही सर्किल बनाने का आश्वासन दिया था।
-मनोहर सुथार, श्रद्धालु

इस जगह संत खड़ेश्वरी ने 12 वर्ष तक खड़े रहकर तपस्या की थी। यह बरगद का पेड़ श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इसे हटाने के लिए प्रशासन बिना नोटिस दिए कार्रवाई के लिए पहुंच गया।
- जमनालाल जाट, श्रद्धालु

एनएचएआइ धार्मिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहा है। हम शांति से मांग कर रहे है कि पेड़ को नहीं हटाया जाए। फिर भी हटाया जाता है, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

- उदयलाल भडाणा, प्रदेशाध्यक्ष, गुर्जर-गाडरी एकता मंच

ग्रामीणों से कभी यह वादा नहीं किया था कि बरगद के पेड़ को नहीं हटाया जाएगा। पहले ही मन्दिर महंत को इसकी जानकारी और नोटिस दे दिया था।

देवेंद्र बंसल, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई, छह लेन

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