गुरु पूर्णिमा 23-24 को, इस बार भी बड़ा आयोजन नहीं

सुबह 10.44 बजे से अगले दिन सुबह 8.6 बजे तक

By: Suresh Jain

Published: 21 Jul 2021, 08:34 AM IST

भीलवाड़ा।
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि दो दिन 23 व 24 जुलाई को रहेगी। गुरु पूर्णिमा 23 जुलाई को व पूर्णिमा का दानपुण्य काल 24 जुलाई को रहेगा।
पंडित अशोक व्यास के अनुसार उदियात में पूर्णिमा तिथि 2४ जुलाई को गुरु पूर्णिमा मनाएंगे। पूर्णिमा तिथि 23 जुलाई सुबह 10.44 बजे ही शुरू होने के कारण लोग 23 को चंद्र पूर्णिमा व्रत रहेगा। 24 जुलाई को सूर्य उदय के साथ पूर्णिमा तिथि होने से उसी दिन पूर्णिमा पर पूजा अर्चना होगी। सत्यनारायण भगवान का व्रत 23 जुलाई को होगा। मध्यानकाल में पूर्णिमा 23 को रहेगी। पूजन इस समय ही किया जाएगा। शिष्य अपने गुरु देव का पूजन करेंगे, वहीं जिनके गुरु नहीं है वे अपना नया गुरु बनाएंगे। उदयकालीन पूर्णिमा तिथि होने से गुरु पूर्णिमा का दान का पुण्यकाल 24 जुलाई को रहेगा। 23 जुलाई को गुरुपूर्णिमा के साथ व्यासपीठ पूजा और सन्यासी चातुर्मास प्रारंभ होगा। साथ ही कोकिला व्रत शुरू होगा।
संकट मोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी ने बताया कि गुरुवन्दना के साथ पूजा अर्चना होगी। कोरोना के कारण बड़ा आयोजन नहीं होगा। मंदिर में विशेष कार्यक्रम व आरती होगी।
गुरु पूजा महोत्सव बालाजी मार्केट स्थित बालाजी मंदिर में शुक्रवार को विधि-विधान से मनाया जाएगा इसमें कोरोना गाइड लाइन की पालना की जाएगी। सुबह ९ बजे गुरुदेव विद्यानंद सरस्वती एवं मंदिर के पुजारी स्वर्गीय गोविंद शर्मा की चित्र पूजन उनके भक्तों द्वारा किया जाएगा। सभी धार्मिक कार्यक्रम पंडित आशुतोष शर्मा के सानिध्य में विद्वान पंडितों द्वारा कराए जाएंगे।
कोरोना की तीसरी लहर को देखते राज्य सरकार ने पहले ही चातुर्मास कार्यक्रम, बड़े धार्मिक आयोजनों पर रोक लगा रखी है। ऐसे में इस साल भी गुरुपूर्णिमा पर कोई भी बड़ा आयोजन नहीं होगा।

Suresh Jain Reporting
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