कोरोना के कहर से एक करोड़ के फल ढेर

कोरोना का कहर भीलवाड़ा की फल मंडी पर टूट पड़ा है। शहर में कफ्र्यू से लगी रोक के कारण स्टोरेज में अटका फल अब सडऩे लगा है। ढेर लगने लगा है। शुक्र है दो दिन से जिला प्रशासन ने शहर की जनता के लिए फल के द्वार खोल दिए, वरना लाखों के फल जमीदोंज करने पड़ते। अभी तक मंडी व्यापारियों को करीब एक करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ गया है।

By: Narendra Kumar Verma

Published: 27 Mar 2020, 10:16 PM IST

भीलवाड़ा। कोरोना का कहर भीलवाड़ा की फल मंडी पर टूट पड़ा है। शहर में कफ्र्यू से लगी रोक के कारण स्टोरेज में अटका फल अब सडऩे लगा है। ढेर लगने लगा है। शुक्र है दो दिन से जिला प्रशासन ने शहर की जनता के लिए फल के द्वार खोल दिए, वरना लाखों के फल जमीदोंज करने पड़ते। अभी तक मंडी व्यापारियों को करीब एक करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ गया है।

भीलवाड़ा शहर की फल मंडी में देश के विभिन्न हिस्सों से फल आ रहे है। फलों को सुरक्षित एवं सेहज रखने के लिए व्यापारियों ने निजी गोदाम बना रखे है और कईयों ने भीलवाड़ा कृषि मण्डी परिसर में ही किराए के गोदाम ले रखे है। फलों की बिक्री का ग्राफ भी भीलवाड़ा शहर में अच्छा है और औसतन बीस लाख से अधिक के फलों का उठाव भीलवाड़ा से शहर व जिले के साथ ही आसपास के जिलों में भी हो जाता है, लेकिन शहर में कोरोना वायरस के प्रकोप से भीलवाड़ा फल मंडी ठप पड़ी है।

मुम्बई व गुजराज से राह रूकी
थोक फल विक्रेता ओम प्रकाश टिक्याणी ने बताया कि भीलवाड़ा शहर में महाराष्ट्र से केला व अंगूर, झालारापाटन व भवानी मण्डी से संतरा, गुजरात से पपीता से आ रहा था। इसी प्रकार टमाटर व केरी महाराष्ट व तमिलनाडु्र आलू व प्याज यूपी व महाराष्ट्र से आ रहे थे। जबकि चीकू व सेव हिमाचल व कश्मीर से आ रहे थे। देश में कोरोना वायरस के प्रकोप से गत दस दिन से सभी फलों की आवक बंद हो गई है। इसी दौरान शुक्रवार को कफ्र्यू लगने से शहर में फलों की बिक्री बंद हो गई । गत छह दिन से मंडी के बंद होने से सारा माल भीलवाड़ा मंडी व निजी गोदामों में अटक गया है। ऐसे में फलों में खराबा होने लगा है।

एक करोड़ के फल नष्ट
भीलवाड़ा कृषि उपज मंडी समिति परिसर स्थित फल मण्डी में खराब हो रहे फलों का ढेर इन दिनों बढ़ता जा रहा है। यहां खराब फलों के ढेरे को हटाने के लिए जेसीबी लगाई है। मंडी के फल व्यापारियों की माने तो करीब एक करोड़ रुपए की कीमत के फल अभी तक नष्ट हो चुके है, यदि जिला प्रशासन ने आम जनता के बीच में इन्हें पहुंचाने के लिए पर्याप्त वाहनों की संख्या नही लगाई तो ये नुकसान पांच से दस करोड़ तक पहुंच सकता है। Corona in bhilwara

ये लोग नहीं मान रहे है।
मंडी लगे खराब फल के ढेर में क्षेत्र के कुछ लोग खुद के साथ ही मवेशियों के लिए अच्छे फल की तलाश का मोह नहीं छोड़ पा रहे है। मंडी प्रशासन व व्यवसासियों की चेतावनी के बावजूद वो खराब फलों के ढेर को खंगाल रहे है। One crore fruit road from the havoc of Corona at bhilwara

कोरोना ने पहुंचाया बड़ा नुकसान
कोरोना वायरस के प्रकोप का असर फल मंडी पर भी पड़ा है। शहर में कफ्र्यूं होने एवं मंडी बंद होने से फुटकर व्यापारी व लोग मंडी
तक नहीं पहुंच पा रहे है, इसी कारण फलों में खराब बढ़ रहा है। अब जिला प्रशासन के सहयोग से फलों का वितरण शहर के विभिन्न वार्डों में शुरू किया गया है। शहर में ७० वार्ड है लेकिन अभी ३३ वाहन के जरिए सप्लाई की जा रही। प्रशासन से वाहनों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। लेकिन फलों का बड़ा स्टॉक अभी भी कोल्डस्टोरज में है।
चन्द्रप्रकाश चंदवानी, अध्यक्ष, कृषि उपज मंडी फल समिति भीलवाड़ा

Narendra Kumar Verma Reporting
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