एचआईवी मरीज के हर्निया का दर्द सहन नहीं हुआ तो खुद ने ही चीर डाला पेट

एमजीएच में डॉ. बंसल ने किया ऑपरेशन

By: Suresh Jain

Published: 17 Feb 2021, 06:45 PM IST

भीलवाड़ा।
जिले के एक गांव का युवक को हर्निया की तकलीफ होने पर भी डॉक्टर उसे चक्कर कटाकर पीड़ा सहन करने को मजबूर करते रहे। इसके पीछे मुख्य कारण यह था की युवक एचआईवी व टीबी से पीडि़त था। इस लाइलाज बीमारी के चलते उसने करीब एक साल तक हर्निया की पीड़ा का दंश झेला। अंत में जब उससे दर्द सहन नहीं हो पाया तो उसने घर पर खुद ही चाकू से पेट को चीर डाला। बाद में लहुलुहान हालत में उसे महात्मा गांधी अस्पताल लाया गया जहां सर्जिकल विभाग के डॉ. पवन बंसल ने तत्काल ऑपरेशन कर उसे दर्द से राहत दिलाई। डॉक्टर बंसल का कहना है कि ३५ वर्षीय हर्निया पीडि़त मरीज की जांच के दौरान पता चला की उसकी आंत फटी हुई है साथ ही वह एचआईवी पीडि़त भी है। मरीज को ऐसी लाइलाज बीमारी होने के बाद भी डॉ. बंसल ने वर्ष २०१९ में उसका तत्काल ऑपरेशन कर उसे राहत दिलाई। इस ऑपरेशन के कुछ माह बाद ही उसे वापस पेट दर्द होना शुरू हो गया। वह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा और दिखाया तो जांच में उसके पेट में हर्निया निकला। खांसी ज्यादा होने पर कराई गई जांच में वह टीबी पीडि़त भी निकला। एचआईवी सहित यह दोनों बीमारी होने पर चिकित्सकों ने खतरा मोल नहीं लिया। युवक अन्य अस्पतालों में भी गया लेकिन कहीं पर भी उपचार नहीं मिला। हर्निया के दर्द झेल रहा युवक ने सोमवार को घर पर चाकू लेकर पेट को चीर डाला। यह सब देख घबराए परिजनों ने तत्काल युवक को लहुलहान हालत में महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉ. बंसल ने तत्काल ऑपरेशन कर उसे दर्द से निजात दिलाई। अब इस मरीज की हालत ठीक बताई जा रही है।

Suresh Jain Reporting
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