110 साल की उम्र में ऑपरेशन अब अजब-गजब नहीं

महात्मा गांधी राजकीय चिकित्सालय में शतायु पार वृद्धा की शल्य चिकित्सा का अनूठा इतिहास जुड़ गया। एक सौ दस वर्षीया वृद्धा का सफल ऑपरेशन पर चिकित्सक भी सुखद अनुभूति महसूस कर रहे है। एमजीएच की सर्जन एचओडी वरिष्ठ सर्जन डॉ. रीटा वर्मा की टीम ने यह जटिल शल्य चिकित्सा की। टीम सदस्य डॉ. अमित सिंह, डॉ. अनिल गुप्ता, डॉ. वैशाली व ओटी स्टाफ दिनेश सोनी रोगी के स्वास्थ्य में सुधार से खुश है।

By: Narendra Kumar Verma

Updated: 23 Jan 2021, 12:31 PM IST


भीलवाड़ा। महात्मा गांधी राजकीय चिकित्सालय में शतायु पार वृद्धा की शल्य चिकित्सा का अनूठा इतिहास जुड़ गया। एक सौ दस वर्षीया वृद्धा का सफल ऑपरेशन पर चिकित्सक भी सुखद अनुभूति महसूस कर रहे है। एमजीएच की सर्जन एचओडी वरिष्ठ सर्जन डॉ. रीटा वर्मा की टीम ने यह जटिल शल्य चिकित्सा की। टीम सदस्य डॉ. अमित सिंह, डॉ. अनिल गुप्ता, डॉ. वैशाली व ओटी स्टाफ दिनेश सोनी रोगी के स्वास्थ्य में सुधार से खुश है।

अजमेर जिले की नंदकंवर अरोड़ा को स्तन कैंसर की शिकायत पर गत १८ जनवरी २१ को परिजनों ने एमजीएच चिकित्सालय में भर्ती कराया। परिजनों ने बताया कि वृद्धा की उम्र करीब ११० वर्ष है और वो स्तन कैंसर की गांठ से पीडि़त है, उसका कई हॉस्पिल में इलाज कराया और कई चिकित्सकों को दिखाया, लेकिन बढ़ती उम्र व गांठ की अंतिम स्टेज होने से ऑपरेशन का खतरा किसने मोल नहीं लिया, इससे नंद कंवर की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी।

डॉ. रीटा वर्मा ने बताया कि ११० साल की उम्र में ऑपरेशन करना सहज नहीं है। लेकिन वृद्धा को नई जिन्दगी देने और बीमारी से मुक्ति की टीम ने ठानी, वृद्धा नंदकंवर का २० जनवरी २१ को एमजीएच में सफल ऑपरेशन किया, वृद्धा के स्वास्थ्य में अब पहले से सुधार है। परिजनों ने सफल शल्य चिकित्सा होने पर खुशी जाहिर की है।

Narendra Kumar Verma Reporting
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