हमारे देवता-दियाड़ी सब यहीं, पुश्तैनी जमीन नहीं छोड़ेंगे

हमारे देवता-दियाड़ी सब यहीं, पुश्तैनी जमीन नहीं छोड़ेंगे
Our Gods and Diyadis will not leave ancestral land here

Jasraj Ojha | Updated: 12 Oct 2019, 07:20:14 PM (IST) Bhilwara, Bhilwara, Rajasthan, India

patrika.com/rajsthan news


भीलवाड़ा. पुर के मकानों में आ रही दरारों का कारण भले पता नहीं लगा, लेकिन नया पुर बसाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दौरे के बाद जिला प्रशासन ने तीन योजनाएं बनाई हैं। पहली ३४० अति असुरिक्षत मकानों में रह रहे परिवारों को राज्य आपदा राहत फंड से 95 हजार 100 की राशि का भुगतान किया जाएगा। इनको दूसरी जगह बसाने की योजना है। इस पर पुरवासी राजी नहीं हैं। उनका तर्क है कि उनके खेत, बाड़े, देवता-दियाड़ी यह यहीं है एेसे में घर कैसे छोड़ें। कुछ लोगों ने कहा कि दादा-परदादा के पुश्तैनी मकान को छोड़कर नहीं जा सकते। पुर संघर्ष समिति पदाधिकारियों का कहना है कि पहले कारणों का पता लगना चाहिए। इसके बाद ही कोई हल निकलेगा। कुछ लोगों ने कहा कि एेसे मकान, जिन पर पहले से हाउसिंग बोर्ड २५ से ५० प्रतिशत की छूट दे रहा है। एेसे मकान अब पुरवासियों को दिए जा रहे, जो सही नहीं है। उधर, जिला कलक्टर राजेन्द्र भट्ट ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा पुर के बाशिंदों को अन्यत्र विस्थापित करने की नहीं, बल्कि असुरक्षित मकानों में रहने वाले लोगों की जानमाल की सुरक्षा प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पुर के मकानों में दरारों के प्रकरण में संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी सुरक्षा के लिए समय पर उचित विकल्प उपलब्ध कराए हैं।

ये हैं पुरवासियों के लिए तीन प्रस्ताव
०१. पहला विकल्प: पहले विकल्प के तहत एसडीआरएफ की राशि के अलावा पटेल नगर, चंद्रशेखर आजाद नगर व सुवाणा में राजस्थान हाउसिंग बोर्ड का मकान रियायती दर पर आसान किस्तों में आवंटित किया जाएगा।
०२. दूसरा विकल्प: एसडीआरएफ की राशि के अलावा मकान की क्षति के बराबर राशि का भूखंड राजमार्ग 79 पर पटेल नगर के पास नगर विकास न्यास की ओर से आरक्षित दर पर उपलब्ध करवाया जाएगा। वर्तमान असुरक्षित मकान या भूखंड समर्पित करने पर ही पटेल नगर में आरक्षित दर की आधी कीमत पर अतिरिक्त भूखंड उपलब्ध करवाया जाएगा।
०३. तीसरा विकल्प: एसडीआरएफ की राशि के अलावा व्यक्तिगत सहमति प्रस्ताव मिलने पर न्यास की ओर से छह माह में मकान बनाकर आधी कीमत पर उपलब्ध करवाया जाएगा। शेष आधी राशि 10 वर्ष की आसान किस्तों में चुकाई जा सकेगी।
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बाकी के लिए भी बनाई नया पुर योजना
340 अति असुरक्षित मकानों के अलावा अन्य क्षतिग्रस्त मकानों की सहायता के लिए भी सरकार की ओर से प्रस्ताव देते हुए दो विकल्प उपलब्ध करवाए गए हैं। पहले विकल्प के तहत रियायती दर पर 450, 800, 1250 व 1920 वर्गफीट के भूखंड का आवंटन किया जाएगा। दूसरे विकल्प के रूप में 50 हजार से अधिक की क्षति वाले मकानों को आरक्षित मूल्य पर क्षति की राशि के अनुसार 450, 800, 1250 व 1920 वर्गफीट के भूखंडों का आवंटन 216 रुपए प्रति वर्गफीट की अनुमानित दर से उपलब्ध करवाया जाएगा, जिसकी बाजार दर 800 रुपए प्रतिवर्ग फीट के आस-पास है।

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