25 फरवरी से बिजौलिया से निकली पदयात्रा चंवलेश्वर तीर्थ स्थल पहुंची

595 दिन के बिजौलिया प्रवास के बाद मुनि सुधासागर संसघ का देशनोदय तीर्थ चंवलेश्वर में मंगल प्रवेश
हजारों लोगों की मुनियों व पदयात्रियों का स्वागत

By: Suresh Jain

Published: 02 Mar 2021, 09:53 PM IST

भीलवाड़ा।
निर्यापक मुनि पुंगव सुधासागर महाराज ससंघ तपोदय तीर्थ क्षेत्र बिजौलियां में 595 दिन के प्रवास के बाद गगन विहारी देशनोदय तीर्थ चंवलेश्वर मंगलवार शाम को पहुंची। कमेटी के संयोजक प्रवीण चौधरी, सुभाष हुमड़ व नरेश गोधा ने बताया की निर्यापक मुनि पुंगव सुधासागर, मुनि महासागर, मुनि निष्कंप सागर, क्षुल्लक गंभीर सागर, धेर्य सागर महाराज के साथ हजारों की संख्या में विभिन्न स्थानों से आए श्रावक-श्राविकाओं ने मंगल प्रवेश चंवलेश्वर पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र चैनपुरा पहुंची। पदयात्रा के वहा पहुंचने पर मुनि सुधासागर का पाद प्रक्षालन किया गया। शाम को आयोजित जिज्ञासा समाधान शिविर में कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर, कांग्रेस नेता विवेक धाकड़, सुशीला पाटानी ने मुनि से कई सवाल किए। बाद में आरती आरके मार्बल ग्रुप के चैयरमेन अशोक पाटनी परिवार ने की।
पदयात्रा का पुष्प वर्षा से किया भव्य स्वागत
बिजौलिया से चंवलेश्वर तक की लगभग ८० किलोमीटर की लम्बी यात्रा करके चंवलेश्वर पहुंचने पर मुनि संसघ का तीर्थ कमेटी के अध्यक्ष प्रकाश कासलीवाल व पदाधिकारियों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत व अभिनंदन किया। एतिहासिक विहार ६ दिन में यहां पहुंची। जैन समाज के श्रावक श्राविकाओ का मुनि के दर्शन के लिए हुजूम उमड़ पड़ा। जुलूस में श्रावक व श्राविकाए नाचते गाते उत्साह है वह भक्ति भाव के साथ चल रहे थे। इस दौरान ललितपुर से आए श्रावकों ने चंवलेश्वर पाश्र्वनाथ कमेटी, बिजौलिया कमेटी तथा इस गगन विहारी के संयोजकों का अभिनन्दन किया।
१०१ थाल से किया पाद प्रक्षालन
मुनि सुधासागर के चंवलेश्वर पहुंचने पर श्रावकों ने १०१ थाल टेबुल पर सजाकर पाद प्रक्षालन किया। यह नजरा देखने के लिए श्रावक उमड़ पड़े। वही आमल्दा से यहां आते समय रास्ते में एक किसान ने तगारी में पाद प्रक्षालन किया। वही कई लोगों ने मुनि के दर्शन करने के बाद ही अपने घर गए। ग्रामीण सुबह से ही मुनि की दर्शन के लिए कतार लगाए खड़े रहे।
धीरज गुर्जर चले मुनि के साथ
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर व उनके भाई निरज गुर्जर मुनि के साथ पैदल यात्रा की। इस दौरान मनीष ने मुनि के साथ भक्ति नृत्य तक किया। साथ ही संकल्प लिया कि वे भी धर्म में विश्वास नहीं करता है, लेकिन मुनि के दर्शन करने के बाद उसके मन में कुछ बदलाव आएगा।
पदयात्रा में था यह आकर्षण
तीर्थ कमेटी के अध्यक्ष प्रकाश कासलीवाल ने बताया कि पदयात्रा में मुख्य आकर्षण 7 हाथी जिन पर सोधर्म इंद्र, कुबेर समेत अन्य इन्द्र सवार थे। 23 बग्गियों पर विभिन्न इन्द्र सवार थे। 500 केसरिया ध्वज हाथों में लिए महिलाएं व 5 घोड़ो पर युवा, मारुति वैन पर धर्म चक्र, मंगल कलश, अष्टमंगल द्रव्य, झांकियां, अष्ट कुमारियों का विमान, छतरी नृत्य समूह बैंड बाजे, 32 चंवर टीमें गजरथ विहार की शोभा बढ़ा थे।
आज यह होगा
सुबह मंदिर में अभिषेक व शान्तिधारा, 8.45 बजे मुनि सुधासागर के प्रवचन, आहार चर्चा, दोपहर में क्षेत्र के विकास को लेकर चर्चा, शाम 6 बजे जिज्ञासा समाधान, आरती, मुनि भक्ति कार्यक्रम होंगे।

Suresh Jain Reporting
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