मांगेे मनवाने के लिए पटवारी नहीं नाप रहे जमीन

पटवार सर्किल में रिक्त पदों के राजस्व काज का बोझा उठाने से पटवारियों की मनाही के बाद जिले में सौ से अधिक ग्राम पंचायतों के राजस्व काम अटके हुए है। ग्रामीण अपने काम के निपटारे के लिए गत सात माह से एक पटवार मण्डल से दूसरे मण्डल को चक्कर लगा रहे है।

By: Narendra Kumar Verma

Published: 11 Jun 2021, 09:33 AM IST



भीलवाड़ा। पटवार सर्किल में रिक्त पदों के राजस्व काज का बोझा उठाने से पटवारियों की मनाही के बाद जिले में सौ से अधिक ग्राम पंचायतों के राजस्व काम अटके हुए है। ग्रामीण अपने काम के निपटारे के लिए गत सात माह से एक पटवार मण्डल से दूसरे मण्डल को चक्कर लगा रहे है। लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिला है।


जिले में राजस्व मण्डल ने 531 पद पटवारियों के सृजित कर रखे है, इनमें 197 पद पर ही नियुक्ति है। यानि आधे से अधिक 334 पद लम्बे समय से खाली है। 22 पटवारियों के तबादले हो चुके है। मौजूदा हालात यह है कि जिले में एक पटवारी के पास दो से अधिक ग्राम पंचायत के पटवारियों के काम है। अतिरिक्त ग्राम पंचायत का काम नहीं करने को लेकर जिले में पटवार संघ हड़ताल पर है। वह अतिरिक्त ग्राम पंचायतों का काम नहीं कर रहे हंै। जिला कलक्टर या फिर उपखंड अधिकारी का दबाव बनने पर ही वह अतिरिक्त कार्यभार का काम कर रहे है।

ग्रामीणों की पीड़ा

पूर्व सरपंच औंकार गाडऱी की पीड़ा है कि उनके कब्जेशुदा जमीन का नामांतरण खुलवाने के लिए वह गठिला का खेड़ा पटवार गृह का चक्कर लगा रहे है, लेकिन यहां एक ही जवाब मिलता है, यहां पटवारी का पद लम्बे समय से रिक्त है, जिन्हें यहां का अतिरिक्त कार्यभार सौंप रखा है, वह यहां आते ही नहीं है। बन का खेड़ा के मोहन लाल जाट की पीड़ा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोन लिया है, लेकिन पटवारी नहीं होने से मौका रिपोर्ट तस्दीक नहीं हो पा रही है। माताजी का खेड़ा की बादाम ने बताया कि जमाबंदी की नकल आठ माह से नहीं मिली है।

यह काम है जिम्मे
पंचायत राज के कामकाज का पटवारी मुख्य हिस्सा होता है, उनके जरिए नामांतरण , हैसीयत तस्दीक, मूल निवास, जाति व आय प्रमाण पत्र रिपोर्ट, हैंडपम्प व कुआ खोदने की रिपोर्ट, किसान बैंक लोन रिपोर्ट व कृषि जिंसवारी की रिपोर्ट तस्दीक होती है। जमाबंदी की प्रतिलिपि लेने, सीमा ज्ञान करने, प्रधानमंत्री आवास योजना की रिपोर्ट देने, खाद्यान सुरक्षा योजना में पंजीयन, सेना भर्ती के लिए प्रारंभिक रिपोर्ट, अतिक्रमण हटाने व सहकारिता जुड़ी योजनाओं की रिपोर्ट भी पटवारी करते है। इसी प्रकार आपदा प्रबंधन, कोविड व्यवस्था आदि में भी पटवारी का सहयोग रहता है।

रटारटाया जवाब दे रहे है

गत वर्ष पंचायतों में डिजिटल कार्य होने से राजस्व बस्ता मुख्यालय पर होने का जवाब पटवारियों ने रट रखा था, इस कारण पटवार मण्डलों में छह माह तक काम प्रभावित रहा। अब अतिरिक्त पटवार मण्डल का कार्य नहीं करने एवं हड़ताल पर होने का जवाब सामने आ रहा है।


नहीं रूके काम, होंगे ऐसे प्रयास

जिले में पटवारियों के आधे से अधिक पद रिक्त है, इससे कई प्रकार की समस्याएं आ रही है। लेकिन जरूरी काम नहीं रूके, ऐसे प्रयास सुनिश्चित हो रहे है। पटवारी अतिरिक्त कार्यभार में जुड़े पटवार मण्डल में भी काम करे, इसके लिए जिला कलक्टर से भी चर्चा कर समाधान की राह तलाशेगे।

ओम प्रभा, एसडीएम एवं नोडल प्रभारी राजस्व मामलात, भीलवाड़ा


नहीं करेंगे अतिरिक्त कार्य
प्रदेश में पांच हजार से अधिक पद रिक्त है, इनमें भीलवाड़ा जिले में सर्वाधिक है। प्रदेश पटवार संघ के आह्वान पर प्रदेश के पटवारी ग्रेड पे को बढ़ाने, संशोधित चयनित वेतनमान को लागू करने व पटवारियों के रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर 15 जनवरी से हड़ताल पर है। प्रदेश में अभी पटवारी मौजूदा कार्यभार का ही काम देख रहे है। हड़ताल के प्रभाव से ग्रामीणों व किसानों के समक्ष राजस्व व जिंसवार परेशानी बनी हुई है।

सौमित्र दाधीच, अध्यक्ष जिला पटवार संघ, भीलवाड़ा

सरपंचों का अटका काम
कलक्टर ने मनरेगा में कैटगरी फोर्थ यानि व्यक्तिगत कार्य के लिए प्रस्ताव मांगे है, लेकिन पटवारियों के पद रिक्त होने से अधिकांश ग्राम पंचायतों में प्रस्ताव अटके है, कृषि जिंसवारी व जमाबंदी काम अटका है। ग्राम पंचायतों के राजस्व संबधित अधिकांश काम नहीं हो रहे है। सरपंच, किसान, ग्रामीण परेशान है।
शक्ति सिंह कालियास, अध्यक्ष, जिला सरपंच संघ, भीलवाड़ा

Narendra Kumar Verma Reporting
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