पुलिस गिरफ्त में खुलेंगे सुनील के खाकी से सांठगांठ के राज

कोटड़ी और रायला थाना क्षेत्र में फायरिंग कर दो जवानों की जान लेकर भागा सरगना सुनील डूडी (विश्नोई) आखिर नौ दिन तक भीलवाड़ा पुलिस को गच्चा देने के बाद रविवार तड़के जोधपुर जिले से हाथ आ गया। सरगना डूडी से सोमवार को भीलवाड़ा में आला पुलिस अधिकारियों ने कड़ी पूछताछ की। इस दौरान पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे। इसमें कुछेक पुलिस कर्मियों से सांठगांठ का खुलासा भी हुआ है।

By: Narendra Kumar Verma

Published: 19 Apr 2021, 11:44 AM IST

भीलवाड़ा। कोटड़ी और रायला थाना क्षेत्र में फायरिंग कर दो जवानों की जान लेकर भागा सरगना सुनील डूडी (विश्नोई) आखिर नौ दिन तक भीलवाड़ा पुलिस को गच्चा देने के बाद रविवार तड़के जोधपुर जिले से हाथ आ गया। सरगना डूडी से सोमवार को भीलवाड़ा में आला पुलिस अधिकारियों ने कड़ी पूछताछ की। इस दौरान पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे। इसमें कुछेक पुलिस कर्मियों से सांठगांठ का खुलासा भी हुआ है।

पुलिस के अनुसार आरोपित डूडी जोधपुर जिले के खारी में तस्कर साथी के भाई के घर छिपा था। पुलिस को पता लगा तो ग्यारह घण्टे चले ऑपरेशन के बाद उसे पकड़ लिया गया। घेराबंदी का पता लगते ही आरोपी ने पुलिस पर फायर भी किया। जवाब में पुलिस ने 10 से 15 राउण्ड फायर कर उसे दबोचा। आरोपी की धरपकड़ में एसओजी, एटीएस, जोधपुर पुलिस व भीलवाड़ा पुलिस का सहयोग रहा। उसके अन्य साथियों के बारे में पता किया जा रहा है। राडर पर था नम्बर, खारी में छिपे होने का पता चला जोधपुर आयुक्तालय के निरीक्षक अमित सियाग को मुखबिर और मोबाइल नम्बर से मतवालों की ढाणी थाना बिलाड़ा (जोधपुर) निवासी सुनील के जोधपुर के फलौदी के खारी में छिपे होने का पता चला।

तकनीकी विश्लेषण से सूचना को पुख्ता किया गया। जहां सामने आया कि खेत पर बने मकान में सुनील छिपा है। इस पर विशेष टीम गठित की गई। ४ किमी दूर गाड़ी खड़ी कर रात में पहुंची टीम, खेतों के रास्ते घेराबंदीचार किलोमीटर दूर गाडि़यां खड़ी कर पुलिसकर्मी पैदल खारी गांव पहुंचे। एसओजी, एटीएस के साथ पुलिस की चार टीमों में तीस जवानों को शामिल किया गया। टीम ने खेतों के रास्ते उस मकान की घेराबंदी करना शुरू किया। जिसमें सुनील छिपा हुआ था। चारों दिशाओं से घेराबंदी की गई।

खटपट से पता, गोवंश छोड़े, टॉर्च की रोशनी डाली

खारी में अधिकांश मकान खेतों में बने हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। महिलाओं को पुलिसकर्मियों के आने की भनक लगी तो गच्चा देने के लिए गोवंश का झुण्ड छोड़ दिया। पुलिसकर्मियों पर टॉर्च की रोशनी डाली। इससे भगदड़ की स्थिति हो गई। जो पुलिसकर्मी पहुंचे तो उनको यह पता था कि यह सब होगा। एेसे में वह इन सबसे निपटते हुए आगे बढ़ते रहे। मकान की छत पर था, फायरिंग कर भागने लगामहिलाओं के शोर मचाने और गोवंश को छोडऩे से मची भगदड़ में मकान की छत पर मौजूद सुनील को पुलिस के आने का आभास हो गया। उसने पलंग के पास पिस्टल रखी थी। उसने पुलिसकर्मियों पर फायर कर दिया। पुलिस पहले से फायर से बचाने को सुसज्जित थी।

पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। सुनील ने 5 से 7 फायर किए जबकि पुलिस ने 10 से 15 फायर कर समर्पण करने को आगाह किया। भागता हुआ पुलिस के हाथ में गिरा, दबोचते ही हथियार छीनाडूडी फायर करता भागता रहा। दूसरी दिशा में छिपी पुलिस के हाथ में आकर गिर गया। खेत में तारबंदी थी। एेसे में डूडी का हाथ तारों से चोटिल हो गया। पुलिस ने डूडी को पकड़ हथियार छीन लिया। एक टीम पकड़ कर वाहन की ओर दौड़ी।

डूडी के पकड़े जाने पर महिलाएं एकत्र होने लगी। दो-तीन टीम ग्रामीणों को रोकने में जुट गई। 11 घण्टे चला ऑपरेशन तड़के पांच बजे खत्म हुआ। पुलिस आरोपी को लेकर भीलवाड़ा के लिए रवाना हुई। पांच दिन से ठहरा थाप्रारंभिक पूछताछ में आरोपी सुनील ने कबूल किया वह पहले भीम क्षेत्र के जंगल में साथियों के साथ छिपता रहा। उसके बाद जोधपुर-पाली जिले में फरारी काटी। पांच दिनों से खारी गांव में मकान में ठहरा हुआ था।

Narendra Kumar Verma Reporting
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