पुलिस—प्रशासन ने मुझे डराया... यह क्या बोल गए कटारिया

विधायक नहीं उठे धरने से

By: mahesh ojha

Published: 05 Sep 2019, 01:49 AM IST

भीलवाड़ा।

पुर के मकानों में आ रही दरारों से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने और खनन कम्पनी जिंदल सॉ के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विधायक वि_लशंकर अवस्थी का धरना बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया भी शामिल हुए। इससे पहले कटारिया ने पुर का दौरा कर वहां के लोगों से बातचीत की। कटारिया ने कहा, पुलिस व प्रशासन ने मुझे भयभीत किया। कलक्टर का फोन आया। एडिशनल एसपी का फोन भी आया। कह रहे थे, पुर नहीं जाओ तो ज्यादा अच्छा रहेगा। मैंने कहा, विकराल समस्या को आंखों से देखूंगा। एडिशनल एसपी ने कलक्टर को भी गलत सूचना दी कि एेसा हो जाएगा। वैसा हो जाएगा। मैं पुर में घुस गया और मकान भी देख लिए, तब पुलिस कहां थी। मेरी सुरक्षा के लिए आना था तो पांच-दस किलोमीटर पहले आते।

धरना स्थल पर कटारिया ने कहा कि किसी से डरने की जरूरत नहीं है। दो साल पहले बने हुए मकान कैसे टूट गए। किसी दिन जोर से ब्लास्ट हो गया तो कई लोग अनुदान व मदद मांगने की स्थिति में नहीं रहेंगे।
बाद में मीडिया से बातचीत में कटारिया ने कहा कि यह समस्या केंद्र सरकार के ध्यान में लाने के लिए राजस्थान से विधायकों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाएगा। केन्द्र से जिंदल के खिलाफ कार्रवाई करवाएंगे। पहले हमारी सरकार भी थी। उस समय जितनी समस्या आई, उतनी कार्रवाई हुई। अब समस्या विकराल हो गई है। लोगों को मरने के लिए नहीं छोड़ सकते। अब इस आंदोलन को अंजाम तक पहुंचाएंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण डाड ने कहा धरने को पार्टी का पूरा सहयोग मिलेगा।

अवस्थी का आरोप- जिंदल को नियम विरुद्ध दी जमीन

अवस्थी ने कहा कि जिंदल को नियम विरुद्ध जमीन आवंटित हुई थी। मैंने विधानसभा में २० बार आवाज उठाई है। गत तीन जून को बनेड़ा पंचायत समिति की 158 बीघा चरागाह जमीन जिंदल को देने के लिए जिला कलक्टर ने तहसीलदार को लिखा है। इसके एवज में कोटड़ी में जमीन रिजर्व रखने का प्रस्ताव दिया गया। यहां के पशु 80 किलोमीटर दूर कोटड़ी कैसे जाएंगे।

नुकसान 4100 में, मुआवजा 41 को ही क्यों

अवस्थी ने कहा कि वे डेढ़-दो साल पहले पुर के माली मोहल्ले में गए थे। वहां समस्या बताई तो खनन कंपनी ने कुछ लोगों को अपने पक्ष में कर लिया। यहां नुकसान 4100 घरों में हैं, तो केवल 41 परिवारों को ही मुआवजा क्यों दिया जा रहा है। उनका आरोप था कि दरारों का कारण खान में ब्लास्टिंग है, तो सरकारी खजाने से मुआवजा क्यों दिया जा रहा है। अब तक की जांच रिपोर्टों में भी लीपापोती हुई है। धरने से पहले जिंदल के प्रतिनिधि मेरे घर आए थे, लेकिन कोई यह साबित कर दे कि एक रुपया भी किसी से लिया, राजनीति से संन्यास ले लूंगा। पुरवासियों को मुआवजा मिलने पर ही धरने से उठेंगे। धरना स्थल पर विधायक गोपाल खंडेलवाल, जबरसिंह सांखला, जिला प्रमुख शक्ति सिंह हाड़ा, नगर परिषद उपसभापति मुकेश शर्मा, भाजपा जिला पदाधिकारी राकेश पाठक, लादूलाल तेली, डॉ. राजा साध वैष्णव, छैलबिहारी जोशी, किशोर सोनी, अनिल जैन, अनिलसिंह जादौन, नंदकिशोर राजपुरोहित, अनमोल पाराशर व उपस्थित थे।

कटारिया ने देखे दरारों वाले मकान

पुर. कस्बे के मकानों में दरारों से हुए नुकसान का जायजा लेने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया पुर पहुंचे। बारिश में भीगते हुए उन्होंने लक्ष्मीनारायण बड़ा मन्दिर में आई दरारें देखी। इसके बाद अमरसिंह राजपूत के मकान, कालाजी का मंदिर, नेमिनाथ जैन मंदिर, सब्जी मंडी, निर्मल पलोड़ के मकान की दरारें देखी। कटारिया ने नीलगरों की मस्जिद व हाल ही नगर परिषद की ओर से चंद्रसिंह नाहटा के ध्वस्त किए मकान को भी देखा। इस परिवार को सरकार ने सामुदायिक भवन में शिफ्ट किया है। नाहटा ने बताया कि प्रशासन ने मकान खाली करा दिया, लेकिन अब तक कोई मदद नहीं की है। भाजपा जिला अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण डाड, पार्षद हीरालाल माली, चेतन चौबे, जगदीश बैरवा, चांदमल विश्नोई आदि उनके साथ थे।

Patrika
mahesh ojha
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned