कंटेनमेंट जोन में भी दोगलापन, एक तरफ दुकाने खुली तो दूसरी तरफ बन्द

नश्ते की स्टॉलों पर उमड़ रही भीड़, दुकानों पर नहीं हो रही नियमों की पालना

By: Suresh Jain

Published: 20 Jul 2020, 02:01 AM IST

भीलवाड़ा .

शहर में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद कंटेनमेंट जोन बनाए गए है। इस क्षेत्रों में कोई रोकटोक नहीं है। बिना मास्क बिना किसी की सुरक्षा के इधर से उधर घूमते रहते है। खास बात यह है कि प्रशासन ने इसमें भी दोगला पन अपना रखा है। सबसे खराब हालात शहर के मुख्य बाजारों की है। इन लोगों को कोरोना से कोई डर नहीं लग रहा है। मुख्य बाजारों का हाल देखा रविवार को भी भीड़ देखने को मिली। इसका मुख्य कारण यह माना जा रहा है कि भीलवाड़ा के डाक्टरों ने अपने अथक प्रयासों से मरीजो की ठीक करके भेजना है। लोगों को अब लगने लगा है कि यह एक सामान्य बीमारी है। जो ५-१० दिन में ठीक हो जाएगी।
शहर को नागौरी गार्डन में जयरामजी कचौरी वाली गली में जाने से रोकने के लिए लकडिय़ों की बल्लिया लगा दी थी। लेकिन रविवार को इस क्षेत्र की सभी दुकाने खुली थी। लोग अपने वाहनो को बल्लियों के पास खड़ा करके पैदलअन्दर जा रहे थे। वही उसके विपरित महात्मा गांधी अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने भी दस दुकानों के सामने बल्लिया लगाकर दुकानों को बन्द करवा दिया गया। यह के व्यापारियों का कहना है कि जिला प्रशासन का यह कौनसा कानून है। इन दुकानों के पास की दुकाने खुली थी तो एक-एक दुकान में १० से १५ जने बिना किसी मास्क व सोशल डिस्टेङ्क्षसग के कपड़े खरीदने में लगे थे। अधिकांश महिलाएं ऐसी दिखी जो बिना मास्क के नागौरी गार्डन के बाजार में ही घूम रही थी। इस क्षेत्र से पॉजिटिव केस निकलने के बाद भी किसी को डर नहीं है। दुकानदार भी नियमों का पालन नहीं कर रहे है। बाजार खोलते समय यह तय हुआ था कि सोशल डिस्टेंस और सैनेटाइज का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
जो लोग बाजार में आ रहे है उन्हें इस बात का ख्याल नहीं है कि बाजार में जाने से संक्रमण का खतरा है। आपस में खूब मेल जोल कर रहे है। दुकान पर खरीदारी करते समय भी दुकानदारों की भी कोई दूरी नहीं है। दुकानों पर भी झुंड के रुप में खडे होते रहते है। बाजार को देखने के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं दिखाई दे रहा है।
पोहे की दुकानों व ठेले पर भीड़
खाने पीने की भी चीजें खुलेआम खूब बिक रही है। कहीं छोले भटूरे बिक रहे तो कहीं अन्य खुली हुई वस्तुएं। बाजारों का देखकर नहीं लगता है कि लोगों में कोरोना का कहीं कोई डर है। दूसरी ओर ऐसा भी नहीं है कि जिले में कोरोना पॉजिटिवों की संख्या कम हो। शहर और ग्रामीण क्षेत्र में जमकर कोरोना पॉजिटिव मिल रहे है। इसके बाद भी लोग इसे हल्के में ले रहे है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर में गोल प्याऊ चौराहे पर पोहे की दुकान हो या ठेला यहां लोगों की भीड़ लगी रहती है। जबकि प्रशासन ने घर के लिए पैकेट बनाकर देने के आदेश दे रखे है।

Suresh Jain Reporting
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