क्वार्टज फेल्सपार बाहर गया तो बन्द होंगे उद्योग,  आयुक्त ने जिला उद्योग केन्द्रों से मांगी रिपोर्ट

क्वार्टज फेल्सपार बाहर गया तो बन्द होंगे उद्योग,  आयुक्त ने जिला उद्योग केन्द्रों से मांगी रिपोर्ट

Tej Narayan Sharma | Publish: Jul, 13 2018 04:31:52 PM (IST) Bhilwara, Rajasthan, India

यदि क्वार्टज फेल्सपार को बाहर भेजने पर प्रतिबन्ध नहीं लगाया गया तो जिले में संचालित 250 ग्राइडिंग इकाईयां बन्द हो जाएगी

भीलवाड़ा ।

यदि क्वार्टज फेल्सपार को राजस्थान से बाहर भेजने पर प्रतिबन्ध नहीं लगाया गया तो जिले में संचालित 250 तथा प्रदेश में तीन हजार से अधिक ग्राइडिंग इकाईयां बन्द हो जाएगी। करीब आठ हजार श्रमिक के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। भीलवाड़ा जिले में आसीन्द व गंगापुर क्षेत्र से निकलने वाले क्वाट्र्ज फेल्सपार का कच्चा माल गुजरात जा रहा है। वहां पर 25 हजार टन की क्षमता वाले उद्योग स्थापित है। व्यापारी इन उद्योगों को ऑर्डर दे रहे है। इस कारण यहां स्थानीय उद्योगों को काम नहीं मिल रहा है।

 

जिला उद्योग केन्द्र के अनुसार आसीन्द, गंगापुर, जहाजपुर, कोटड़ी, करेड़ा माण्डल क्षेत्र में क्वाट्र्ज फेल्सपार के खदानें है। इनसे निकलने वाले मिनरल को स्थानीय उद्योगों में फिसलकर गुजरात के मोरवी भेजा जाता है। पिछले कुछ माह से कच्चा माल (पत्थर) को गुजरात की इकाइयां ही खरीद रही है। इससे जिले में संचालित 250 बॉल मिल (ग्राइडिंग इकाइयां) को कच्चा माल नहीं मिल रहा है। ऐसे में उद्योग चलाना मुश्किल हो गया है। इन प्रत्येक इकाईयों में 25 से 30 श्रमिक काम करते हैं। उद्योग बंद होने से वे बेरोजगार हो जाएंगे। आसीन्द के मोड़ का निम्बाहेड़ा में सिरेमिक जोन बनाया जाना प्रस्तावित है। एक कम्पनी 600 करोड़ का एमओयू भी कर रखा है। गंगापुर खनिज उद्योग संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर क्वाट्र्ज फेल्सपार को बाहर भेजने पर रोक लाने की मांग की है।

 

कलक्टर ने लिखा था पत्र
खनिज संघ की मांग के आधार पर तत्कालीन जिला कलक्टर मुक्तानन्द अग्रवाल ने उद्योग विभाग के प्रमुख शासन सचिव को गत 27 दिसम्बर को पत्र लिखा था। उनका कहना था कि गुजरात में 25 हजार टन क्षमता के उद्योग स्थापित हो रहे है। कच्चा माल यहां से जाने से जिले व प्रदेश के छोटे-छोटे उद्योग बन्द हो जाएंगे। खनिज संघ की मांग पर विचार किया जाना उचित होगा।

 

पाउडर से बनती है टाइल्स
गंगापुर खनिज उद्योग संघ के अध्यक्ष शेषकरण शर्मा के अनुसार गुजरात के मोरवी में टाइल्स बनाने के उद्योग है। यह कम्पनियां भीलवाड़ा से अधिकांश कच्चा माल [फेल्सपार] खरीदती है। अब मोरवी के पास ही ग्राइडिंग यूनिट लगने से वे यहां से कच्चा माल खरीद रही है। वहां टाइल्स बन रही है। ऐसे में यहां से अब केवल पत्थर खनन होकर बाहर जा रहे हैं। इस पर रोक नहीं लगी तो जिले की ग्राइंडिंग यूनिटें बन्द हो जाएगी। जबकि गुजरात सरकार ने मैगनीश व बजरी तथा तमिलनाडू सरकार ने मैगनिशियम ऑक्साइड व मैगनिशियम क्लोराइड बिना प्रोसेस किए राज्य से बाहर भेजने पर रोक लगा रखी है।

 

रिपोर्ट भेजी है
उद्योग विभाग ने क्वाट्र्ज फेल्सपार के मामले में रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट मंगलवार को ही उपनिदेशक उद्योग को भेज दी है। जिले से सारा कच्चा माल गुजरात जा रहा है। जिस पर रोक की मांग खनिज संघ कर रहे है।
राहुलदेवसिंह, महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र

 

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