रोहित के कातिल ताऊ को उम्रकैद


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By: rajesh jain

Published: 07 Jul 2019, 03:04 AM IST

भीलवाड़ा।

 

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (प्रथम) ने शनिवार को रोहित हत्याकांड के दोषी राधेश्याम सिंगावत को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपित मृतक रोहित का ताऊ था। उसने अंध विश्वास के चलते रोहित की जान ली थी।

 

आजादनगर निवासी हनुमान सिंह का दूसरी कक्षा में पढऩे वाला नौ वर्षीय पुत्र रोहित 17 अक्टूबर 2014 को साइकिल चलाने की कहकर घर से बाहर निकला और मां सो गई थी। घर के बाहर साइकिल खड़ी होने और रोहित के नजर नहीं आने पर मां ने तलाश की। पप्पू कंवर ने बेटे के अपहरण का मामला प्रतापनगर थाने में दर्ज करवाया।

 

तीन दिन बाद मिला था शव

 

तीन दिन बाद रोहित का शव सदर थाना क्षेत्र में पालड़ी के जंगल में मिला। पुलिस ने अपहरण का मामला हत्या में तब्दील कर जांच शुरू की। पुलिस ने हाल आदर्शनगर निवासी राधेश्याम से पूछताछ की तो उसने रोहित की हत्या करना कबूल किया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम ने सुनवाई के बाद आरोपित को उम्रकैद की सजा सुनाई और चार हजार रुपए जुर्माना राशि से भी दंडित किया।

 

छोटे भाई से थी रंजिश

 

राधेश्याम के इकलौते पुत्र की सर्पदंश से 17 अक्टूबर २०13 को गांव में मौत हो गई थी। उसे शक था कि उसके बेटे की हत्या की गई और इसमें छोटे भाई हनुमान सिंह का हाथ है। रोहित को घर के बाहर अकेला देख राधेश्याम आइस्क्रीम दिलाने का बहाना पालड़ी के जंगल में ले गया। यहां मुंह दबाकर हत्या कर चेहरा पत्थरों से कुचल दिया था।

 

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