कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा घातक, दो से तीन दिन में खतरनाक संक्रमण

वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. रामावतार बैरवा से बातचीत

By: Suresh Jain

Updated: 05 May 2021, 08:12 AM IST

भीलवाड़ा।
महात्मा गांधी चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. रामावतार बैरवा का कहना है कि दूसरी लहर में कोरोना वायरस इतना खतरनाक है कि वह स्वस्थ व्यक्ति को 2 से 3 दिन में ही बुरी तरह संक्रमित कर रहा है। पहली लहर में संक्रमण होने में 7 से 8 दिन का समय लगता था, लेकिन दूसरी लहर में फेफड़े में संक्रमण 2-3 दिन में हो रहा है। पहली लहर में संक्रमण होने पर ज्यादातर को निमोनिया की शिकायत होती थी, लेकिन दूसरी लहर में फेफड़े 70 फीसदी तक संक्रमित हो रहे हैं। यदि अब भी पूरी तरह सावचेती नहीं बरती गई तो हालात और भी ज्यादा विस्फोटक हो सकते हैं।
डॉ. बैरवा ने बताया कि संक्रमण की दूसरी लहर में करीब 25 फीसदी मामले ऐसे हैं, जिनमें मरीज की आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव थी, लेकिन जब मरीजों की तकलीफ बढ़े पर उनके चेस्ट का सीटी स्कैन कराया गया और पता चला कि उनके फेफड़ों में इंफेक्शन पहुंच चुका है। उनके गले के स्वाब में कोरोना नहीं मिल रहा है। वायरस सीधे चेस्ट और फेफड़ों पर असर डाल रहा है। इस लहर में युवा बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। संक्रमण की शुरूआत से ही मरीज का ऑक्सीजन लेबल कम हो रहा है। अब ज्यादातर मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है, जबकि पहली लहर में बहुत कम मरीजों को ऑक्सीजन पर रखना पड़ा था। दूसरी लहर में स्वस्थ लोगों की मौत का आंकड़ा भी ज्यादा है, जबकि पहली लहर में कोरोना के साथ अन्य बीमारी से ग्रसित लोगों की मौत ज्यादा थी। पिछले एक साल में कोरोना वेरीएंट के लक्षणों में भी इजाफा हुआ है।
बैरवा ने लोगों को सलाह दी कि अब लक्षण ना भी दिखें तो भी कोविड टेस्ट करा लेना चाहिए। ज्यादातर मामले या तो हलके हैं या उनमें लक्षण है। लेकिन अब वायरस के घातक हो जाने से ज्यादा गंभीर मरीज सामने आ रहे हैं। सावधानी रखने के साथ दोनों समय भोजन, योग तथा व्यायाम पर भी ध्यान देना होगा।

Suresh Jain Reporting
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