गुप्त नवरात्र विधान का प्रारंभ सोमवार से

गुप्त नवरात्र आज से, पंचमी व छठ की पूजा एक ही दिन

By: Suresh Jain

Published: 22 Jun 2020, 01:03 AM IST

भीलवाड़ा.

आषाढ़ शुक्ल पक्ष गुप्त नवरात्र 22 जून से शुरू होंगे। इस वर्ष 8 दिन के होंगे। समापन भडल्या नवमी को 29 जून को होगा। भडल्या नवमी अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इसमें विवाह, नूतन गृह प्रवेश, मुंडन आदि कार्य बिना मुहूर्त किया जाता है। नवरात्र में छठी तिथि का क्षय है। इसलिए पंचमी और छठ पूजा एक ही दिन शुक्रवार को होगी।
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि प्रतिपदा 21 जून को दोपहर 12.12 बजे से शुरू होगी। यह तिथि दूसरे दिन सोमवार 22 जून को सुबह 11.59 बजे तक रहेगी। इसके कारण गुप्त नवरात्र विधान का प्रारंभ सोमवार से ही होगा। पंचमी एवं छठवीं तिथि शुक्रवार 26 को है। इस कारण यह नवरात्र 8 दिन की होंगी। गुप्त रात्रि की समाप्ति का समय 29 जून भडल्या नवमी होगा। गुप्त नवरात्र के प्रथम दिन सोमवार को घट स्थापना एवं देवी पूजन का शुभ समय सुबह ५.५० से ७.३० बजे तक सुबह ९.१५ बजे से १०.५७ बजे तथा दोपहर १२.१२ बजे से १.१७ बजे तक शुभ बेला में किया जाना विशेष शुभ फलप्रद रहेगा।
क्या करें और क्या न करें
नौ दिनों तक ब्रह्मचर्य का पालन करें। तामसी भोजन का त्याग करें। कुश की चटाई पर सोना चाहिए। निर्जला अथवा फलाहार उपवास रखें। मां की पूजा-उपासना करें। लहसुन-प्याज का उपयोग न करें।
खरीदारी व मांगलिक कार्यों के लिए महामुहूर्त
जून में इस बार खरीदारी और शुभ व मांगलिक कार्यों के लिए अति फलदायक है गुप्त नवरात्र में देवियों की आराधना के साथ खरीदारी, मांगलिक व शुभ कार्यों का विशेष महत्व रहेगा। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि 23 जून को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का उत्सव मनाया जाएगा। 24 को पुष्य नक्षत्र रहेगा। 29 को भड़ल्या नवमी के अबूझ मुहूर्त पर शादियां होगी। नवमी के 2 दिन बाद देवशयनी एकादशी पर भगवान सो जाएंगे।

Suresh Jain Reporting
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