कोरोना में रहे सतर्क, याद रखे हमने भी अपनों को खोया है

Stay alert in Corona, remember we have also lost our loved ones प्रदेश में मंगलवार से मॉडिफाइड लॉकडाउन में सुबह पांच बजे से शाम पांच बजे तक की ढील है। लेकिन ध्यान रहे भीलवाड़ा जिले में कोरोना वायरस करीब 800 जानें ले चुका है। इनमें कई नामचीन लोग शामिल हैं।

By: Narendra Kumar Verma

Published: 11 Jun 2021, 09:53 AM IST


भीलवाड़ा। प्रदेश में मंगलवार से मॉडिफाइड लॉकडाउन में सुबह पांच बजे से शाम पांच बजे तक की ढील मिली है। लेकिन ध्यान रहे भीलवाड़ा जिले में कोरोना वायरस करीब 800 जानें ले चुका है। इनमें जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, व्यवसायी, अधिकारी, डॉक्टर, नर्सिंगकर्मी, पुलिसकर्मी, व्याख्याता, शिक्षक, सफाईकर्मी के साथ ही कई नामचीन लोग शामिल हैं। इस मार्च में आई दूसरी लहर ने सबसे ज्यादा जानें ली है। हालांकि सरकारी आंकड़े कुल 151 मौत दिखा रहे हैं, जो असलियत से कोसों दूर है।

ऑक्सीजन बेड को तरसे मरीज

हम सभी ने मरीजों, उनके परिजनों को अस्पताल में बेड, ऑक्सीजन की कमी,रेमडेसिविर इंजेक्शन के अभाव से जूझते देखा है। प्रतिबंध में ढील भले ही दी जा रही है, लेकिन अभी हमें अपने स्तर पर प्रतिबंधों का पालन करना जरूरी है। इसके साथ ही बाहर जाते समय मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालना करना नहीं भूलें। इनका सख्ती से पालन करने से ही तीसरी लहर में नुकसान से रोका जा सकता है। शादी समारोह व अन्य आयोजनों का मोह अभी हमें छोडऩा होगा।

तीसरी लहर की चेतावनी
विशेषज्ञों ने तीसरी लहर की चेतावनी जारी की है, हमारी जरा सी लापरवाही तीसरी लहर को न्योता दे सकती है। कोरोना का नया वेरिएंट अपना रूप लगातार बदल रहा है। ज्यादा सतर्क और सजग रहने की जरूरत है।

अप्रेल में सर्वाधिक रोगी, मई में सबसे ज्यादा मौतें

दूसरी लहर में महज 40 दिन में ही कोरोना से शहर एवं जिले में 18500 लोग संक्रमित हुए जो बीते साले से अधिक है। 20 मार्च २० से 31 मार्च 2021 तक कुल 13 हजार 13 संक्रमित आए थे। कोरोना काल में अभी तक कुल 32686 लोग संक्रमित हो चुके है। जिले में दिसम्बर के बाद संक्रमण थमने लगा था, जनवरी से लेकर मार्च तक शहर में कोरोना के मामले कम होने लग गए थे। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर का स्वरूप घातक नजर आया। इस साल अकेले अप्रेल में 10 हजार 550 व मई में 8069 नए रोगी आए है। इतना ही नहीं कोरोना ने मई में 431 जिन्दगियां भी लीली है।
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लेकिन याद रखें, हमने इन्हें खोया है

हेमेन्द्र सिंह बनेड़ा, पूर्व सांसद
कैलाश त्रिवेदी, सहाड़ा विधायक
शिवजीराम मीणा, पूर्व विधायक
महावीर जीनगर, पूर्व विधायक
कल्याण मीणा, पूर्व विधायक

हर्षमानसिंहका, उद्योगपति
एमडी गगरानी, उद्योगपति
प्रेम सिंह तलेसरा, व्यवसायी
विनोद शर्मा, रिसोर्ट संचालक
सचिन बाबेल, प्रोपर्टी व्यवसायी

डॉ. प्राणजीवन शाह, वरिष्ठ चिकित्सक
डॉ. राधेश्याम शर्मा
डॉ. माणक चंद जैन, चिकित्सक
तहसीन अली खान, जिला शिक्षा अधिकारी
रामप्रसाद उपाध्याय, रिटायर्ड, डिप्टी
शीतल प्रसाद वैष्णव, एपीआरओ
मनीष शर्मा, आयकर अधिकारी
प्रदीप कुमार तिवारी, विकास अधिकारी
प्रवीण कुमावत, कनिष्ठ अभियंता


गोपाल काबरा, समाज सेवी
सुशील तोषनीवाल, समाज सेवी
कैलाश चन्द्र सुल्तानिया, समाज सेवी
सोहनलाल भैसा, समाज सेवी
मीठा लाल पोखरना, समाजसेवी

कवि नरेन्द्र दाधीच
कवि राजेन्द्र शर्मा


खडेश्वर महाराज, महंत
महंत बंशीदास
संभव मुनि
विमल कंवर, साध्वी
कमल प्रभा, साध्वी
रफीक मोहम्मद , सीएमएचओ कर्मी
विष्णु शर्मा,हैड कांस्टेबल


नाथूराम गुर्जर,गुर्जर नेता
देवेन्द्र सुवालका, बनेड़ा सरपंच
शीला देवी जाट, जनप्रनिधि

जगदीश सालवी, भाजपा नेता
बृद्धि प्रकाश जागेटिया, व्याख्याता
महावीर शर्मा, व्याख्याता
रमेश चन्द्र जैन, व्यवसायी

रामजस गुर्जर, जनप्रतिनिधि
शांतिलाल कांठेड, समाजसेवी
ऊंकार गाडऱी, राशन डीलर
कालूलाल हरिजन, शिक्षक
रक्षा टेलर, शिक्षिका
कैलाश चन्द्र-मंजू देवी भैसा, व्यवसायी

Narendra Kumar Verma Reporting
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