सुपर स्पेशलिटी वाले निजी अस्पताल का छह महीने कार्यरत होना आवश्यक

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में बदलाव

By: Suresh Jain

Published: 15 Jun 2021, 09:19 PM IST

भीलवाड़ा
मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ अधिक अधिक लोगों को मिले, इसके लिए योजना से निजी अस्पतालों के जुडऩे की प्रक्रिया के प्रावधानों में बदलाव किया गया है। अब योजना से जोडऩे के लिए निजी अस्पताल के प्रदेश में कम से कम दो साल तक कार्यरत होने की शर्त को घटाकर एक साल कर दिया गया है। योजना से जुडऩे के लिए सुपर स्पेशलिटी सेवा वाले निजी अस्पताल का प्रदेश में केवल 6 महीने ही कार्यरत होना आवश्यक होगा। इस प्रावधान के बाद और अधिक संख्या में निजी अस्पताल योजना में जुड़ पाएंगे जिसका सीधा लाभ योजना में पंजीकृत परिवारों को मिलेगा। सुपर स्पेशिलिटी सेवा वाले निजी अस्पताल के प्रदेश में केवल 6 महीने कार्यरत करने के नए प्रावधान के बाद अब कई बड़े सुपर स्पेशिलिटी सेवा वाले निजी अस्पताल योजना से जुड़ पाएंगे। प्रदेश में अब तक योजना से 749 सरकारी और 365 निजी अस्पताल जुड़ कर लाभार्थियों को नि:शुल्क चिकित्सा का लाभ दे रहे है।
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. घनश्याम चावला ने बताया कि योजना में अब तक एक एनेस्थेटिक योजना से जुड़ें केवल तीन ही निजी अस्पतालो में ऑन-कॉल अपनी सेवाएं दे सकता था, अब मरीजो के स्वास्थ्य के हित को देखते हुए इसे बढ़ाकर पांच अस्पताल कर दिया गया है। इस प्रावधान के बाद अब एक एनेस्थेटिक योजना से जुड़े पांच अस्पतालो में अपनी सेवाएं दे पायेगा। इसके बाद सम्बद्ध निजी अस्पतालों में मरीजो को ऐनस्थेटिक की सेवाएं ज्यादा बड़ी संख्या में मिल पाएगी।
नए प्रावधान में जनरल मेडिसिन स्पेशिलिटी को पांच श्रेणियों, जनरल मेडिसिन, जनरल मेडिसिन न्यूरोलॉजी, जनरल मेडिसिन चेस्ट ऐंड टीबी और जनरल मेडिसिन नेफ्रोलॉजी में बांटा गया है। इस प्रावधान के बाद निजी अस्पताल केवल अपने यहां उपलब्ध सेवा के अनुसार ही जनरल मेडिसिन स्पेशिलिटी ले पाएंगे। इस सम्बन्ध में विस्तृत दिशा-निर्देश राज्य स्तर से जारी किए है। जिसके अनुसार ही अब लाभार्थियों को लाभ मिलेगा।

Suresh Jain Reporting
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