सर्जिकल ऑटो क्लेव यूनिट मशीन लगाई, आरएनए एक्सट्रैक्शन मशीन इंस्टॉल

अब संक्रमण रहित रहेगी मेडिकल कॉलेज की लैब

By: Suresh Jain

Published: 10 May 2020, 02:03 AM IST

भीलवाड़ा
मेडिकल कॉलेज में संचालित कोरोना लैब में शनिवार को एक और अत्याधुनिक मशीन सर्जिकल ऑटो क्लेव मशीन भी लगाई गई है। इस मशीन से लैब पूरी तरह से संक्रमण रहित रहेगी। वही आरएनए एक्सट्रैक्शन मशीन को भी इंस्टॉल कर दिया गया है। अब सैम्पलों की जांच दोगुनी गति से हो सकेगी।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजन नन्दा ने बताया कि कम्पनी की ओर से भेजी गई सर्जिकल ऑटो क्लेव यूनिट मशीन स्थापित करने से कोरोना संक्रमण का खतरा नहीं रहेगा। इस मशीन से माध्यम से सैम्पल की जांच होने के बाद पूरी तरह से संक्रमण रहित करके नष्ट कर दिया जाएगा। ऑटोक्लेव मशीन में सारी सामग्री एक निश्चित तापमान में उबाली जाएगी। उबलते हुए पानी का तापमान 100 डिग्री सेंटीग्रेट होता है जबकि भाप का तापमान 130 डिग्री सेंटीग्रेट होता है। इसीलिए औजार और अन्य सामग्री को भाप के माध्यम से इंफेक्शन फ्री किया जा सकेगा। सर्जिकल उपकरण व अन्य सामान को सेंट्रलाइज सिस्टम से विसंक्रमित किया जा सकेगा।
आरएनए को सेपरेट करने की मशीन शुरू
मेडिकल कॉलेज में आरटी पीसीआर के साथ ही प्रदेश की पहली ऑटोमेटिक आरएनए एक्सट्रैक्टशन मशीन को भी शनिवार को इंस्टालेशन कर दिया गया है। इस मशीन के माध्यम से सैंपल से आरएनए को अलग किया जा सकेगा। अभी फिलहांल इन सैम्पल को मैन्युएल अलग-अलग करने का काम किया जा रहा है। इसके कारण डाक्टर व लैब टेक्नीशियन दहशत में हैं। यह मशीन ऑटोमेटिक होने की वजह से जांच करने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों में कोरोना वायरस का खतरा नहीं रहेगा। आरएनए एक्सट्रैक्टशन मशीन के इंस्टाल होने के साथ ही अब जांच में तेजी आ जाएगी। इसके लिए काम आने वाले ३२ किट भी दिए गए है।
नहीं मिला लेपटॉप
डॉ. नन्दा ने बताया कि कम्पनी ने आरएनए एक्सट्रैक्टशन को शुरू तो कर दी, लेकिन इसे चलाने के लिए सौफ्टवेयर को चलाने के लिए लेपटॉप तक नहीं दिया है। कम्पनी के प्रतिनिधि विक्रम शेखावत का कहना है कि लैब के प्रभारी फिलहाल किसी भी लेपटॉप के माध्यम से इस मशीन को चला सकते है। बताया जा रहा है कि लेपटॉप को कम्पनी ने किन्ही कारणों से रोक लिया था।


अब एक हजार सैम्पलों की प्रतिदिन हो सकेगी जांच
नन्दा ने बताया कि ऑटोमेटिक आरएनए एक्सट्रैक्टशन मशीन के शुरू होने से अब प्रतिदिन एक हजार से अधिक कोरोना सैम्पलों की जांच हो सकेगी। इसके लिए प्रशिक्षित तकनीशियन लगाने की व्यवस्था की जा रही है। वही सरकार के आदेश से किट भी उपलब्ध कराए गए है। इस लैब में चित्तौडग़ढ़ के सैम्पलों को प्राथमिकता तथा भीलवाड़ा के सैम्पल की जांच प्राइटी के आधार पर जांच की जा रही है। शुक्रवार और शनिवार को भीलवाड़ा के अलावा चित्तौडग़ढ़ के 400 से अधिक नमूनों की जांच की गई है। इस प्रकार प्रतिदिन लगभग 700 जांचे की जा रही है। तकनीकी स्टाफ उपलब्ध होते ही अत्तिरिक्त शिफ्ट में जांच करना सम्भव हो सकेगा। डॉ. नंदा ने कहा कि जिला कलक्टर राजेन्द्र भट्ट के प्रयासों से और राज्य सरकार के त्वरित निर्णय से भीलवाड़ा में कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध हुई है।

Suresh Jain Reporting
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