दो साल की जगह अब छह महीने में ठीक होगा टीबी

अस्पतालों में मिलेगी बीडाकुलीन दवा

By: Suresh Jain

Published: 07 Jul 2020, 02:02 AM IST

भीलवाड़ा

टीबी के मरीजों दो साल तक दवा लेने की जरूरत नहीं है। अब यह बीमारी छह महीने में पूरी तरह से ठीक हो जाएगी। इसके लिए अस्पताल में बीडाकुलीन नाम की दवाई मिलने लगी है। इसकी शुरूआत सोमवार से कर दी गई है। अब तक मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट यानी एमडीआर टीबी के मरीजों को 24 महीने तक दवा लेनी पड़ती थी। नयी रिसर्च की दवाई से मरीजों को सिर्फ 6 महीने में पूरा लाभ होगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस तरह के मरीजों के लिए बीडाकुलीन नामक दवा देने के निर्देश जारी किए है। टीबी की बीमारी माइकोबैक्टीरियम नामक जीवाणु के संक्रमण से होता है। इस बैक्टीरिया के संक्रमण से शरीर के इम्यून सिस्टम में गिरावट आ जाती है।
मल्टी ड्रग रेजिसटेंट टीबी संक्रमण का एक रूप
टीबी का इलाज फस्र्ट स्टेज की दवाओं से होता है। कई मरीजों में दवा रेसिस्ट हो जाने के कारण प्रभावी नहीं होता है। मल्टी ड्रग रेजिसटेंट टीबी संक्रमण का एक रूप है। जो कम से कम दो सबसे शक्तिशाली प्रथम-लाइन की दवाओं के साथ इलाज के लिए प्रतिरोधी हो जाती है। इससे दवाइयों का असर रोगी पर होना बंद हो जाता है।
एक गोली की कीमत २१३० रुपए
बीडाकुलीन की एक गोली की कीमत २१३० रुपए है। सरकारी अस्पताल में यह दवा मुफ्त में मिलेगी। मार्केट में यह दवाई उपलब्ध नहीं है। इसका डोज राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण विभाग की ओर से तय किए मानक के हिसाब से ही दी जाएगी। एक मरीज को पूरी तरह से ठीक करने में ४ लाख रुपए खर्च का अनुमान है। टीबी क्लीनिक में डीटीओं डॉ. प्रकाश शर्मा ने बताया कि मरीजों को यह दवा मुफ्त में मिलेगी। टीबी सेंटर मरीज के सेंस्टेविटी टेस्ट से यह तय होगा कि बेडाकुलीन दवा दी जाएगी या नहीं।
पहले १४ दिन में ४-४ गोली रोजाना
डॉ. जीवी दिवाकर ने बताया कि बीडाकुलीन दवा उन मराजों को दी जाएगी जिसकी टीबी अन्तिम स्टेज पर चल रही है। यह दवा चार अन्य दवाओं के साथ दी जाएगी। रोगी को १४ दिन तक प्रतिदिन ४-४ गोली रोजाना तथा उसके बाद १५ वें दिन से एक दिन छोड़कर एक दिन में २-२ गोली दी जाएगी। यह दवा कुल मिलाकर ६ माह तक लेनी होगी। अन्य दवाओं का कोर्स २४ माह का होगा। अभी दो मरीजों से यह दवा शुरू की गई है। जबकि अजमेर व जयपुर से लेने वाले ६ मरीज और है उन्हें भी अब दवां आसानी से यहीं पर मिल सकेगी। दवा का शुभारम्भ करने के दौरान शर्मा, दिवाकर के अलावा डॉ. प्रदीप कटारिया, डॉ. सुरेन्द्र मीणा, डीपीसी पुनीत पाटोदिया, डीआरटीबी कॉर्डीनेटर पीयूष चतुर्वेदी, टीबी काउन्सलर सतीश चौधरी व टीबी वार्ड के कर्मचारी भी उपस्थित थे।

Suresh Jain Reporting
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