नगर परिषद को पता नहीं, कहां-कहां है उसकी जमीन, किसने कर रखा कब्जा

अब खुली नींद तो बुलाई सर्वे कंपनी, जो दो माह में तैयार करेगी रिकॉर्ड
फिर हटाए जाएंगे अतिक्रमण

By: Suresh Jain

Published: 10 Jun 2021, 10:29 AM IST

भीलवाड़ा।
नगर परिषद को अभी यह पता नहीं है कि उसके पास कितनी जमीन है और कहां-कहां अतिक्रमण हो रहा है। जानकारों की मानें तो उसकी कई बीघा जमीन पर कब्जे हैं। परिषद अब अपनी जमीन का पता लगाने के लिए जीपीएस सर्वे करा रही है। सर्वे के बाद जमीन का रिकॉर्ड जीपीएस से टैग किया जाएगा ताकि जरूरत के समय जीपीएस से रिकॉर्ड निकाला जा सके। सर्वेकर्ता कंपनी ने हरणी गांव से सर्वे शुरू कर दिया। जमीन के साथ ही बिल्डिंगों का सर्वे भी किया जाएगा। परिषद इसके बाद अपनी जमीन से कब्जे हटाने का अभियान शुरू करेगी।
सभापति राकेश पाठक ने बताया कि अभी यह पता नहीं है कि हमारे पास कितनी जमीन है। सर्वे का टेंडर लेने वाली एजेंसी को जमीन का रिकॉर्ड लेना होगा। उस आधार पर बताना होगा कि कहां और कितनी सरकारी जमीन है। सर्वे से यह भी पता चल जाएगा कि शहर में कहा सरकारी जमीन पर लोगों का कब्जा है। कहां सरकारी जमीन खाली है। पाठक ने बताया कि सर्वे में दो माह का समय लगेगा। उसके बाद अतिक्रमण हटाएंगे। उसे हटाने से पहले जमीन की योजना बनाकर कार्रवाई की जाएगी ताकि पुन: अतिक्रमण न हो।
रेवेन्यू रास्तों की होगी पहचान
सर्वे से बाहरी कॉलोनियों में रेवेन्यू रास्तों की पहचान की जाएगी ताकि इनसे कब्जे हटाए जा सके। इससे शहरी क्षेत्र में आने वाली इन कॉलोनियों में रहवासियों को रास्ते मिलेंगे। एक बार जमीन का पता चल गया तो फिर परिषद उसे अपने कब्जे में लेगा। शहर मे ऐसी जमीन कई जगह है, जिस पर लोगों का कब्जा है। बाबाधाम के पास करीब २२ बीघा जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं।

Suresh Jain Reporting
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