नवरात्र में नहीं खुलते माता घटारानी के दरबार के पट

The doors of Mata Ghatarani's court do not open in Navratri देश में एकमात्र माता घटारानी का मंदिर जहाजपुर कस्बे में है। जहां शारदीय व चेत्र नवरात्र दोनों ही नवरात्रा में घट स्थापना के साथ ही माता के पट बंद कर दिए जाते हैं। यहां नौ ही दिन तक माता के पट बंद रहते हैं। भक्तों को माता के दर्शन नहीं होते हंै। मंदिर के बाहर ही बैठकर भक्तगण पूजा आराधना करते हैं।

By: Narendra Kumar Verma

Published: 11 Oct 2021, 12:38 PM IST

भीलवाड़ा। देश में एकमात्र माता घटारानी का मंदिर जहाजपुर कस्बे में है। जहां शारदीय व चेत्र नवरात्र दोनों ही नवरात्रा में घट स्थापना के साथ ही माता के पट बंद कर दिए जाते हैं। यहां नौ ही दिन तक माता के पट बंद रहते हैं। भक्तों को माता के दर्शन नहीं होते हंै। मंदिर के बाहर ही बैठकर भक्तगण पूजा आराधना करते हैं।

मंदिर पुजारी शक्ति सिंह के अनुसार नवरात्र के एक दिन पूर्व अमावस्या पर ही घट स्थापना के साथ ही मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं। अष्टमी पर प्रात: राज परिवार से भोग आने के साथ ही माता की महाआरती व प्रसादी के पश्चात माता के मंदिर के पट भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए जाते हैं।

दोनों ही नवरात्रा में लगता है मेला
शारदीय व चेत्र नवरात्रा अष्टमी पर माता के पट खुलने के साथ ही साल में दो मर्तबा दो दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। क्षेत्र में माता की असीम कृपा होने से अष्टमी पर दर्शनार्थ भारी भीड़ मंदिर में पहुंचती है। जिससे व्यापारी भी दूरदराज से पहुंचते हैं। क्षेत्र के लोग मेले में दर्शन करने के बाद खरीदारी करते हैं।

घाट पर विराजी घटारानी
जहाजपुर से दस किलोमीटर दूर सुरम्यी पहाडिय़ों के मध्य पर्वत की सबसे ऊंची श्रृंखला पर घाट के किनारे विराजे होने से माता घटारानी विश्व विख्यात है। श्रद्धालुओं को माता के दरबार तक पहुंचने के लिए जहाजपुर से टैक्सी, बस अन्य किराए के वाहनों के विकल्प मौजूद है। मां घटारानी मंशापूर्ण के नाम से भी जानी जाती है यहां जो भी सच्चे मन से मां को पुकारता है मां उसे कभी भी मायूस वे निराश नहीं लौट आती और उसकी हर मुराद पूरी करती है।

Narendra Kumar Verma Reporting
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