दिगम्बर जैन समाज के दस लक्षण का पहला दिन

पहले दिन उत्तम क्षमा धर्म की पूजा

By: Suresh Jain

Published: 23 Aug 2020, 06:40 PM IST

भीलवाड़ा ।
दिगम्बर जैन समाज के दस लक्षण पर्व रविवार को उत्तम क्षमा धर्म के साथ शुरू हुआ। जैन मंदिरों में सुबह से ही अभिषेक करने वालों की कतारे लगी रही। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते पूजा नहीं हो सकी। आमलियों की बारी स्थित दिगम्बर जैन पाश्र्वनाथ कल्पद्रुम बड़े मंदिर के प्रवक्ता पवन अजमेरा ने बताया कि दसलक्षण पर्व संप्रदाय विशेष का नहीं है। सब का है। क्योंकि वह सांप्रदायिक भावनाओं पर आधारित नहीं है। उसका आधार सार्वजनिक है। विकारी भावों का परित्याग एवं उदात भावों का ग्रहण ही उसका आधार है। यह पर्व मात्र जैनो का नहीं जन-जन का पर्व है। पाचम से चौदस तक मनाया जाता है। आत्मा में 10 प्रकार के सद्भावो के विकास से संबंधित होने से इसे 10 लक्षण पर्व का जाता है। अजमेरा ने बताया कि रविवार को शान्तिधारा अशोक सेठी ने ओम का उच्चारण के साथ कराया। प्रथम दिन उत्तम क्षमा की पूजा की गई। शान्तिधारा करने वालों में मोहनलाल गदिया, निहालचंद अजमेरा, निर्मल लुहाडिय़ा, नरेश पाटोदी, नरेश लुहाडिय़ा, नरेश अजमेरा, महेंद्र, अनिल अजमेरा, विमल टौंग्या, अशोक सेठी, पवन कोठारी, महावीर अजमेरा, महावीर सेठी, पवन कोठारी, लादू लाल शाह, बसंती लाल काला, मोहन लाल पतंगिया, राकेश पंचोली, भागचंद शाह, लोकेश लुहाडिय़ा, कमल अजमेरा, अक्षय जैन, योगेश पाटनी, लाडू देवी गोधा, नेमीचंद गोधा, सुन्दर कोठारी ने की है। सोमवार को उत्तम मार्जव धर्म पर्व एवं सुपाश्र्वनाथ भगवान का गर्भ कल्याणक मनाया जाएगा।
बापूनगर स्थित पदम प्रभु दिगम्बर जैन मन्दिर में मंत्रोचार के साथ श्रावको ने अभिषेक किया। पूनमचन्द सेठी ने शांतिधारा पाठ के साथ प्रकाश, राजेश, मनोज पाटनी, तारा चन्द, विकास झांझरी, आशाराम, मुकेश अग्रवाल ने शांतिधारा की। ट्रस्ट अध्यक्ष एलके जैन ने बताया कि मंदिर में पौधारोपण किया गया।

Suresh Jain Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned