संस्कार से शिक्षक सुधार रहे नई पीढ़ी

रूक्टा (राष्ट्रीय) का 58वां प्रदेशस्तरीय दो दिवसीय अधिवेशन

भीलवाड़ा।
58th session of Rukta (National) शिक्षक आधुनिक भारत के शिल्पकार है। शिक्षक संस्कारों के माध्यम से नई पीढिय़ों को सुधारने का काम करते है। रूक्टा राष्ट्रीय ऐसा संगठन है जो शिक्षा में संस्कार की बात करता है। शिक्षक केवल छात्रों के लिए बल्कि समाज के लिए भी शिक्षक बने। शिक्षकों का सम्मान होगा तो समाज भी आगे बढ़ेगा। रूक्टा ने संस्कृति और राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया है।

58th session of Rukta (National) ये विचार विधानसभा में प्रतिपक्ष के उप नेता राजेंद्र राठौड़ ने रविवार को पुर रोड के एसटेक विद्यालय में राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ (रुक्टा) (राष्ट्रीय) का 58वां प्रदेश अधिवेशन में जताए। विधायक वि_लशंकर अवस्थी ने कहा, राजस्थान में उच्च शिक्षा में शिक्षकों के साथ अन्याय का मुद्दा विधानसभा में उठाया जाएगा। भाजपा के संगठन मंत्री चंद्रशेखर ने बताया कि जब देश आजाद हुआ तो दो तरह की विचारधारा ने जन्म लिया। एक
नवनिर्माण व दूसरी पुनर्निर्माण। देश में आज आदर्श शिक्षक की जरूरत है।

पुस्तक का विमोचन
संगठन अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय सिंह शेखावत ने बताया कि राजस्थान प्रांत के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के प्रोफेसर्स, एसोसिएट प्रोफेसर्स, एसिस्टेंट प्रोफेसर्स, फीजिकल एजूकेशन टीचर्स व लाईब्रेरियन हिस्सा ले रहे हैं। इस अवसर पर 'राष्ट्र निमार्ण बनाम वाम विखण्ड' और 'भारतीय राजनीति और संघ' पुस्तक का विमोचन किया गया।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष प्रो. जेपी सिंघल ने कहा कि देश की शिक्षा में दो तरह की विचारधाराएं है। एक खुद के लाभ की बात करते है। दूसरे राष्ट्रवाद व राष्ट्र निर्माण की बात करते हैं। राष्ट्रहित में शिक्षा, शिक्षा के हित में शिक्षक और शिक्षक के हित में समाज होना चाहिए। देश में मूल्यों के क्षरण को रोकने का काम रूक्टा कर रहा है।

सब के लिए राष्ट्र सर्वोपरी
ग्यारसीलाल ने बताया कि हम सब के लिए राष्ट्र सर्वोपरी है। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भागीरथ सिंह ने कहा कि देश में सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास सबसे अच्छा राष्ट्रवाद का उदाहरण है। आयोजन सचिव डॉ. सावन जांगिड़ ने आभार व्यक्त किया। संचालन अधिवेशन संयोजक डॉ. काशमीर भट्ट ने किया। एसटेक संस्था की छात्राओं ने सरस्वती वंदना की। शिक्षक समस्या, उच्च शिक्षा की वर्तमान स्थिति एवं राष्ट्र के वर्तमान परिदृश्य पर तीन प्रस्ताव पास किए। प्रदेश भर से आए प्रतिभागियों ने शिक्षक समस्याएं उठाई। इन पर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।

Suresh Jain
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